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रविवार, 04 दिसंबर, 2005 को 16:00 GMT तक के समाचार

नगेंदर शर्मा और मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता

'लोकतंत्र में हथियारों की जगह नहीं'

बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकतंत्र में हथियारों के लिए कोई जगह नहीं है.

नक्सलियों से बातचीत पर उन्होंने नकारात्मक संकेत दिए हैं.

'आपकी बात बीबीसी के साथ' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि नक्सली समस्या सामाजिक-आर्थिक समस्या भी है और क़ानून व्यवस्था की भी लेकिन यह लोकतंत्र और नक्सलवाद के बीच एक द्वंद्व भी है.

नीतीश कुमार ने कहा है कि सरकार सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करेगी और जब न्याय मिलेगा तो समस्या अपने-आप ख़त्म हो जाएगी.

राज्य में जातीय विद्वेष के सवाल पर उन्होंने कहा, "इसी की वजह से बिहार पिछड़ गया, हम बदनाम हो गए लेकिन लोगों को भरोसा रखना चाहिए क्योंकि हम चाहते हैं कि सब लोग एक दूसरे से मिलकर रहें और अगर सरकार को साबित करना है कि वह सभी की सरकार है, यही राजधर्म भी है."

जाँत-पाँत पर एक अन्य सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा, "हमने राज्य में सदभाव की राजनीति की शुरुआत की है और हम कोशिश करेंगे कि सबका सहयोग मिलता रहे."

केंद्र का सहयोग

एक श्रोता के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार का यह आरोप निराधार था कि केंद्र की तत्कालीन एनडीए सरकार ने सहयोग नहीं दिया.

उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से बिहार में सड़क, बिजली, कृषि आदि विभिन्न परियोजनाओं के लिए 47 हज़ार करोड़ रुपयों की योजनाएँ स्वीकृत हुईं और काम भी शुरु हुआ.

नीतीश कुमार ने कहा, "हमें पूरी उम्मीद है कि केंद्र की यूपीए सरकार से बिहार राज्य को पूरा सहयोग मिलेगा और हम कोई बेबुनियाद आरोप नहीं लगाएँगे."

दस दिन पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे नीतीश कुमार ने इस बात का खंडन किया कि राज्य में पिछले सात दिनों में अपराध का ग्राफ़ बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि एक तो चुनाव के बाद आमतौर पर ऐसा होता है लेकिन इन्ही सात दिनों में लोगों का नज़रिया बदला है. फिर उन्होंने जोड़ा, "इतने कम समय में सरकार को आंकना ठीक नहीं."

उन्होंने एक श्रोता के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर नया कार्यक्रम बनाएगी और शिक्षकों के रिक्त स्थानों को भरने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी.

नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार राज्य के आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया कि मंत्रिमंडल के गठन में मुसलमानों की अनदेखी की गई है.