शनिवार, 03 दिसंबर, 2005 को 14:50 GMT तक के समाचार
वोल्कर समिति की रिपोर्ट और उसके बाद क्रोएशिया के राजदूत के 'कथित बयान' के बाद मुश्किल में फँसे केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की.
अटकलें ये लगाई जा रही थी कि नटवर सिंह मंत्री पद से भी इस्तीफ़ा दे सकते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि वे किसी भी जाँच के लिए तैयार हैं.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संघर्ष जारी है और वे मंगल पांडे की तरह संघर्ष करेंगे.
शुक्रवार को क्रोएशिया के राजदूत अनिल मथरानी के कथित बयान को लेकर संसद में जम कर हंगामा हुआ था और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने नटवर सिंह को गिरफ़्तार करने के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के त्यागपत्र की भी मांग की थी.
इनकार
हालाँकि बाद में बीबीसी के साथ बातचीत में अनिल मथरानी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उन्होंने नटवर सिंह के बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा है.
सद्दाम हुसैन के शासनकाल में संयुक्त राष्ट्र के तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच कर रही वोल्कर समिति ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का नाम उन लोगों में शुमार किया जिन्हें इससे लाभ पहुँचा था.
उसके बाद भारत में मचे हंगामे के कारण नटवर सिंह से विदेश मंत्रालय को छीन लिया गया था लेकिन उनका मंत्री पद अभी भी क़ायम हैं यानी अभी वे बिना विभाग के मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं.
भारत सरकार ने अनिल मथरानी को क्रोएशिया से वापस बुलाने का फ़ैसला तो कर लिया है लेकिन नटवर सिंह पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
शुक्रवार को संसद में हुए हंगामे के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी भरोसा दिलाया था कि जस्टिस पाठक समिति इसकी जाँच कर रही है और प्रवर्तन निदेशालय भी अपनी ओर से जाँच में लगा है. उन्होंने कहा था कि भारत सरकार इस मामले की तह में जाएगी.