मंगलवार, 29 नवंबर, 2005 को 02:19 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी आलाकमान ने मध्य प्रदेश में उमा भारती के समर्थकों के हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
पार्टी महासचिव प्रमोद महाजन ने बीबीसी से कहा है कि पार्टी में अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसपर रोक लगेगी.
उल्लेखनीय है कि शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश में बाबूलाल गौर की जगह प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने के निर्णय से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती नाराज़ होकर विधायक दल की बैठक से बीच में ही बाहर निकल गईं.
यही नहीं उनके समर्थकों ने प्रदेश पार्टी मुख्यालय में जमकर तोड़-फोड़ की.
उमा भारती ने अपने समर्थकों से कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के फ़ैसले का विरोध करने के लिए वे भोपाल से अयोध्या तक की पदयात्रा करेंगी.
इस बीच शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को भोपाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं.
कार्रवाई
भोपाल में बीबीसी से बातचीत करते हुए प्रमोद महाजन ने कहा,"मैं समझता हूँ अनुशासनहीनता पर ये पूर्णविराम है और अब ये लक्ष्मणरेखा किसी को भी लाँघने नहीं दी जाएगी".
उन्होंने बिहार में पिछले दिनों नीतीश कुमार की सरकार के एक मंत्री के इस्तीफ़े का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से पार्टी के ख़िलाफ़ होनेवाली गतिविधियों को रोकने के लिए कड़ाई बरती जा रही है.
प्रमोद महाजन ने ये भी कहा कि शिवराज सिंह के नाम पर मुहर लग गई है और वे अगले तीन वर्ष तक इस पद पर रहेंगे.
उन्होंने कहा,"स्वाभाविक रूप से अगला विधानसभा चुनाव हम उनके ही नेतृत्व में लड़ेंगे"
हंगामा
उल्लेखनीय है कि सोमवार को भोपाल में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने शिवराज सिंह चौहान को अपना नेता चुन लिया जिसपर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भारी नाराज़गी जताई और उनके समर्थकों ने बैठकस्थल के बाहर तोड़-फोड़ की.
उमा भारती अपने 17 समर्थकों के साथ इस बैठक से बीच में ही निकल आईं.
उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर शिवराज सिंह को जबरन थोपा है.
लेकिन चुनाव के लिए केंद्र से भोपाल पहुँचे पार्टी महासचिव अरूण जेटली ने और दो महासचिवों प्रमोद महाजन और राजनाथ सिंह के साथ पत्रकारों को बताया कि बैठक में उपस्थित 171 में से 154 विधायकों ने शिवराज सिंह चौहान का समर्थन किया है.