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मंगलवार, 29 नवंबर, 2005 को 09:59 GMT तक के समाचार

बांग्लादेश में दो बम धमाके, नौ मारे गए

बांग्लादेश में हुए दो बम धमाकों में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं और 40 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.

गाज़ीपुर में हुए धमाके में एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर समेत पाँच लोग मारे गए हैं. जबकि चटगाँव में बम धमाके में दो पुलिस वालों की मौत हो गई है और एक संदिग्ध हमलावर बुरी तरह घायल हो गया है.

दो लोगों की अस्पताल में पहुँचने के बाद मृत्यु हुई.

अभी तक किसी गुट या संगठन ने बम हमलों की ज़िम्मेवारी नहीं ली है. लेकिन पुलिस को एक प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पर संदेह है.

बीबीसी संवाददाता रोलां ब्यूर्क के अनुसार यदि गाज़ीपुर में आत्मघाती हमले की बात सच निकली तो यह बांग्लादेश में इस तरह की पहली घटना होगी.

चटगाँव में दो पुलिसकर्मी एक अदालत के बाहर बने पुलिस नाके पर हुए इस बम धमाके में मारे गए हैं. हमलावर कोमा में बताया जाता है. इससे पहले उसकी भी मौत हो जाने की ख़बर आई थी.

जबकि गाज़ीपुर में एक अदालत की लाइब्रेरी में हुए धमाके में एक हमलावर समेत पाँच लोगों की मौत हो गई.

संदेह

पुलिस ने संदेह व्यक्त किया है कि प्रतिबंधित इस्लामी संगठन जमात उल मुजाहिदीन ने ये धमाके किए हैं.

हमलावर पुलिस को चकमा देने के लिए वकीलों की तरह काला चोगा पहनकर आए थे.

पुलिस का कहना है कि दो लोग चटगाँव की मुख्य अदालत तक चलकर आए और उनमें से एक ने स्थानीय समय के अनुसार क़रीब नौ बजे धमाका कर दिया.

अभी तक किसी गुट या संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे घटनास्थल पर पर्चियाँ मिली हैं जिन पर लिखा है कि "ऐसे हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक देश में अल्लाह का क़ानून लागू नहीं होगा."

पुलिस का कहना है कि जजों पर हमले की वजह शायद ये है कि वे देश के धर्मनिरपेक्ष क़ानून के हिसाब से फ़ैसले सुनाते हैं जबकि यह संगठन देश में शरिया क़ानून लागू कराना चाहता है.

कई वकीलों और जजों को पिछले दिनों इस संगठन ने धमकी भरे ख़त भेजे थे.

बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से जजों, पत्रकारों और नेताओं को निशाना बनाकर बम हमले किए जा रहे हैं, इस महीने के शुरू में ही देश के दक्षिणी हिस्से में दो जजों की हत्या कर दी गई थी.