मध्यप्रदेश में विधायक दल की बैठक में उमा भारती और समर्थकों के बहिष्कार और हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान को नेता चुन लिया गया है.
भारतीय जनता पार्टी संसदीय बोर्ड ने शिवराज सिंह को पहले ही मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रुप में नामित कर दिया था और विधायक दल को सिर्फ़ इस पर मुहर लगानी थी.
विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान के पक्ष में 154 मत पड़े और उमा भारती सहित उनके 17 समर्थकों ने इस बैठक का बहिष्कार किया.
शिवराज सिंह चौहान को जिस तरह मुख्यमंत्री चुना गया था उस पर पहले ही नाराज़गी जता चुकी उमा भारती ने घोषणा की है कि वे भोपाल से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगी.
इससे पहले जब विधायक दल की बैठक चल रही थी तो पार्टी कार्यालय के बाहर उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान के समर्थकों के बीच हाथापाई भी हुई और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
नाराज़गी
शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के पार्टी संसदीय बोर्ड के फ़ैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उमा भारती ने सोमवार की सुबह नाराज़गी ज़ाहिर की थी.
ख़ुद मुख्यमंत्री बनने की इच्छुक वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने कहा था कि पार्टी ने एक तरह से इतिहास क़ायम किया है कि विधायक दल की बैठक के पहले ही विधायक दल का नेता घोषित कर दिया है.
उन्होंने भोपाल के एक दैनिक में प्रकाशित ख़बरों को लेकर भी नाराज़गी ज़ाहिर की थी जिसमें कहा गया है कि उन्होंने भाजपा महासचिव अरुण जेटली से कथित रुप से कहा था कि वे आत्महत्या करने जा रही हैं.
इससे पहले उमा भारती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर अपनी नाराज़गी जताई थी.
अख़बार की ख़बर
भोपाल से प्रकाशित होने वाले अख़बार दैनिक भास्कर की प्रति दिखाते हुए उमा भारती ने उस ख़बर पर गहरी आपत्ति ज़ाहिर की जिसमें कहा गया है कि वे आत्महत्या करने पर विचार कर रही थीं.
उन्होंने कहा कि अख़बार ने लिखा है कि उन्होंने लोगों को आधी रात के बाद फ़ोन किया जो कि ग़लत है.
उन्होंने भाजपा महासचिव अरूण जेटली से कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि उनके नाम से यह ख़बर जो प्रकाशित हुई है वह अख़बार तक कैसे पहुँची.
उल्लेखनीय है कि अख़बार ने लिखा है, "रात में जब अरूण जेटली का उमा भारती से फ़ोन पर संपर्क हुआ तो उमा भारती ने कहा कि वे अपना सुसाइड नोट भिजवा रही हैं."
बाद में गोविंदाचार्य ने भी उमाभारती का समर्थन करते हुए कहा कि जो कुछ अरुण जेटली ने किया वह अनैतिक है.