शनिवार, 26 नवंबर, 2005 को 20:18 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में दो संदिग्ध तालेबान लड़ाकों के शव जलाने के मामले में हुई सैनिक जाँच में अमरीकी सैनिकों को क्लीन चिट दे दी गई है.
जाँच करने वाले सैनिक अधिकारियों का कहना है कि शव ख़राब हो रहे थे, इस कारण उन्हें जला दिया गया था. लेकिन चार सैनिकों के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई का मामला बना है.
इनमें से दो सैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने स्थानीय लोगों को समझाया-बुझाया नहीं और दो पर ये आरोप है कि उन्होंने शवों को जलाने के क्रम में अन्य लड़ाकों पर ताने कसे.
कंधार में अमरीका की अगुआई वाले गठबंधन सैनिकों के कमांडर मेजर जनरल जेसन कामिया ने बताया कि शवों को जलाने में जो सैनिक शामिल थे, वे यह नहीं जानते थे कि वे जो कर रहे हैं वह ग़लत है.
मंशा
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़ कामिया ने कहा, "हमारी जाँच से ये पता चला है कि इसमें शवों को अपवित्र करने की मंशा नहीं थी बल्कि शव ख़राब हो रहे थे, इसलिए उन्हें जलाया गया."
उन्होंने बताया कि उस समय तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था और शव सड़ने शुरू हो गए थे.
आशंका थी कि मुसलमान इस घटना से काफ़ी नाराज़ होंगे क्योंकि वे शवों को जलाते नहीं है और इसे पाप समझते हैं.
अमरीकी सैनिकों के साथ गए एक पत्रकार ने शवों को जलाने के क्रम में उसकी वीडियो बनाई थी. जिसे पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में दिखाया गया था.
इस वीडियो में दिखाया गया ता कि एक अक्तूबर को कंधार के निकट एक स्थान पर इन शवों को जलाया जा रहा है.
इस वीडियो में ये भी दिखाया गया कि कैसे अमरीकी सैनिकों ने शवों को जलाने के क्रम में लाउडस्पीकर पर तालेबान लड़ाकों पर ताने कसे. इस वीडियो को अफ़ग़ानिस्तान में नहीं दिखाया गया है और विरोध की भी ख़बरें नहीं आई हैं.