शुक्रवार, 25 नवंबर, 2005 को 07:27 GMT तक के समाचार
बिहार में मंत्रिमंडल के गठन के कुछ ही घंटों बाद ही एक मंत्री से इस्तीफ़ा ले लिया गया.
बिहार के कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार की रात नीतिश कुमार के नेतृत्ववाली एनडीए सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया.
मांझी ने अध्यापकों के प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता देने में कथित धांधली में शामिल होने के आरोपों के कारण इस्तीफ़ा दे दिया.
जीतन मांझी राबड़ी देवी सरकार में शिक्षा मंत्री थे तब उन पर ये आरोप लगे थे.
उनका कहना है कि उन्हें बेवजह विवाद में घसीटा गया है.
मांझी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घोटाले में शामिल होने के आरोप एक बात है और उसका साबित होना अलग बात है.
उनका कहना था कि उनके ऊपर जो आरोप लगे थे, उनकी जाँच चल रही है. लेकिन कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है.
मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया जिसे राज्यपाल बूटा सिंह को स्वीकार करने के लिए भेज दिया गया.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
उनके साथ सुशील कुमार मोदी समेत 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.
इस मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी दोनों संसद के सदस्य हैं और इसके अलावा दो सदस्य रामाश्रय सिंह और नरेंद्र सिंह किसी भी सदन के सदस्य नहीं है.
इन चार लोगों को अगले छह महीने में विधानसभा की सदस्यता लेनी होगी.