गुरुवार, 24 नवंबर, 2005 को 00:47 GMT तक के समाचार
सलीम रिज़वी
न्यूयॉर्क से
वोल्कर समिति की रिपोर्ट में कुछ भारतीय नेताओं, सरकारी कर्मचारी और कांग्रेस पार्टी के बारे में आए संदर्भों की जाँच कर रहे जस्टिस आरएस पाठक जाँच आयोग को वो सारे दस्तावेज़ मिल गए हैं, जाँच के लिए जिनकी ज़रूरत है.
जस्टिस पाठक आयोग के विशेष दूत वीरेंद्र दयाल ये दस्तावेज़ लेने के लिए न्यूयॉर्क आए थे.
ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने वाली वोल्कर समिति में कुछ भारतीय नेताओं और कांग्रेस पार्टी का भी संदर्भ आया है.
वीरेंद्र दयाल ने कहा कि उन्हें सारे दस्तावेज़ हासिल हो चुके हैं जिनको लेकर वह भारत वापस जा रहे हैं और इन दस्तावेज़ों को वह जस्टिस आर एस पाठक जाँच आयोग के हवाले कर देंगे.
हालाँकि दयाल ने यह बताने से साफ़ इनकार कर दिया कि इन दस्तावेज़ों में क्या कहा गया है या यह दस्तावेज़ कहाँ के हैं लेकिन उनका कहना था कि यह बहुत अहम दस्तावेज़ है और जाँच में इनसे बहुत मदद मिलेगी.
वीरेंद्र दयाल ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो कुछ समय बाद उन्हें एक दौरा और करना पड़ेगा जिसमें वह वॉलकर समिति से कुछ बचे-खुचे कागज़ भी भारत ले जाएंगे.
दयाल का कहना था कि पॉल वॉलकर के दफ़्तर से उन्हें कागज़ात हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं हुई. दयाल का कहना था, “हमें जाँच के लिए जितने कागज़ात चाहिए थे वो मुझे मिल गए हैं."
"भारत सरकार की इस मामले में संजीदगी और तत्परता को देखते हुए वोल्कर समिति और संयुक्त राष्ट्र ने भरपूर सहयोग किया है. मुझे बहुत ख़ुशी है और मैं वोल्कर समिति का आभारी हूँ कि उन्होने हमें हर मुमकिन मदद दी.”
जाँच में मदद
वीरेंद्र दयाल खुद भी 1992 तक संयुक्त राष्ट्र में एक उच्चाधिकारी रह चुके हैं.
वह पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क पहुँचे थे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान और वोल्कर समिति के अध्यक्ष पॉल वोल्कर से मुलाक़ात कर भारत सरकार की ओर से इस मामले में की जाने वाली जाँच का हवाला देकर उनसे इस मामले से जुड़े अहम दस्तावेज़ भारत सरकार को सौंपे जाने का आग्रह किया था.
लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या इन कागज़ात के हाथ आने से इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े भारतीय मूल के लोगों के बारे में तथ्य सामने आ जाएंगे, उन्होंने गोलमोल जवाब दिया.
दयाल का कहना था, “देखिए इस मामले में जो जाँच चल रही है उसके लिए यह बहुत अहम दस्तावेज़ हैं और मैं समझता हूँ कि भारत एक महान जनतंत्र होने के नाते, अपनी व्यवस्था क़ायम रखने के लिए क़ानून के दायरे में रहते हुए इन दस्तावेज़ का पूरा इस्तेमाल करेगा.”
इराक़ में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में हुए घोटाले को लेकर आई संयुक्त राष्ट्र की वोल्कर समिति जाँच रिपोर्ट में कांग्रेस पार्टी और हाल ही में नटवर सिंह का ज़िक्र आया है.
ग़ौरतलब है कि यह मामला सामने आने के बाद नटवर सिंह को विदेश मंत्री पद से हाल ही में हटा दिया गया था.
संयुक्त राष्ट्र ने 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने के लिए वोल्कर समिति का गठन किया था जिसमें दो हज़ार से ज़्यादा विदेशी कंपनियों पर सद्दाम हुसैन की सरकार को अवैध भुगतान करने का आरोप लगाया है.