शुक्रवार, 25 नवंबर, 2005 को 02:01 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पंद्रह साल के बाद राज्य को किसी अन्य पार्टी का मुख्यमंत्री मिला है.
नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण करने के साथ ही कामकाज शुरू भी कर दिया.
उनके साथ सुशील कुमार मोदी समेत 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली.
सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.
राज्यपाल बूटासिंह ने मंत्रिमंडल को शपथ दिलवाई जिसमें 16 कैबिनेट और 10 राज्य स्तर के मंत्री हैं.
शपथ ग्रहण समारोह पटना के गाँधी मैदान में सम्पन्न हुआ जो एनडीए समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था.
इससे पहले बुधवार को नीतीश कुमार ने राज्यपाल के पास सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया था और राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने को कहा था.
बुधवार की शाम नीतीश कुमार को एनडीए के विधायकों ने अपना नेता चुना था.
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को आए चुनाव परिणामों में विधानसभा की 243 सीटों में से 143 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जो सामान्य बहुमत से 21 सीट ज़्यादा है. अकेले जनता दल (यूनाइटेड) ने 88 सीटें जीती हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी को 55 सीटें मिली हैं.
पिछले डेढ़ दशक से बिहार पर राज कर रहे लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को करारा झटका लगा है और आरजेडी के नेतृव वाले सेक्यूलर डेमोक्रेटिक फ़्रंट की हार हुई है.
मंत्रिमंडल
हालाँकि दो दिनों से अनुमान लगाया जा रहा था कि नीतीश कुमार के साथ 12 से 14 मंत्री शपथ ले सकते हैं लेकिन शपथ ली 26 मंत्रियों ने.
इस मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी दोनों संसद के सदस्य हैं और इसके अलावा दो सदस्य रामाश्रय सिंह और नरेंद्र सिंह किसी भी सदन के सदस्य नहीं है.
इन चार लोगों को अगले छह महीने में विधानसभा की सदस्यता लेनी होगी.
नीतीश मंत्रिमंडल में दो मुसलमान सदस्यों को शामिल किया गया है.
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला मौजूद थे.
इसके अलावा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी, जेडीयू के नेता शरद यादव, जया जेटली, भाजपा नेता उमा भारती और शाहनवाज़ हुसैन उपस्थित थे.