मंगलवार, 22 नवंबर, 2005 को 14:39 GMT तक के समाचार
इलेक्ट्रानिक वोटिंग तकनीक ने मतगणना की रफ़्तार को काफ़ी बढ़ा दिया है और मंगलवार की सुबह शुरू हुई मतगणना में शाम होते-होते विधानसभा की तस्वीर साफ़ हो गई है.
इन चुनावों में जो परिणाम सामने आए हैं, वह काफ़ी अप्रत्याशित कहे जा सकते हैं.
17 वर्ष पुराना लालू प्रसाद का जादू इस बार उन्हें राज्य की सत्ता पर काबिज नहीं रख सका और इस बार लोगों ने नीतिश कुमार में अपना ज़्यादा विश्वास व्यक्त किया.
राज्य विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए इस बार दो हज़ार, एक सौ पैंतीस उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.
कई बड़े नाम इस बार अपनी कुर्सी तक न बचा सके जबकि कई नए चेहरों और हारे हुए प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है.
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी जीतीं तो लेकिन काफ़ी कशमकश के बाद. शुरूआत में मिले रुझानों में वह पीछे चल रही थीं पर मतगणना ख़त्म होने पर वह चार हज़ार, पाँच सौ के मामूली अंतर से जीत गईं.
वहीं भाजपा की कद्दावर नेता सुखदा पांडे चुनाव हार गई हैं.
राबड़ी सरकार में मंत्री रहे राजद के दो प्रत्याशी अवध बिहारी चौधरी और इज़ाजुल हक़ भी चुनाव हार गए हैं.
कुछ प्रमुख जीते और हारे प्रत्याशियों की सूची नीचे दी गई है-
जीते
अब्दुल बरी सिद्दीकी- राजद
बनवारी राम- भाजपा
राबड़ी देवी- राजद
रमईराम- राजद
अभय सिंह- जद(यू)
रेनू कुमारी- जद(यू)
नित्यानंद राय- भाजपा
हृदय नारायण सिंह- बसपा
शकील अहमद ख़ान- राजद
अमरनाथ यादव- सीपीआई(एमएल)
उदय नारायण चौधरी- जद(यू)
हारे
अवध बिहारी चौधरी- राजद
इज़ाजुल ह़क- राजद
सुखदा पांडेय- भाजपा
राजेंद्र राय- राजद
सतीश कुमार- जद(यू)
कमली महतो- भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी
मदन मोहन झा- कांग्रेस
अजय सिंह- राजद
रामनारायण ठाकुर- भाजपा
रामप्रकाश महतो- राजद
राजकुमार शाह- राजद