सोमवार, 21 नवंबर, 2005 को 12:36 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय अधिकारियों का कहना है कि नीमरोज़ प्रांत से अपहृत भारतीय ड्राइवर की तलाश कुछ 'सुरागों के आधार पर' की जा रही है.
इधर भारत में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की एक समिति बना दी गई है.
अधिकारियों ने अपहृत भारतीय की पहचान एम रमन कुट्टी के रुप में की है जो बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन की एक सड़क परियोजना में ड्राइवर के रुप में काम कर रहे थे.
इस बीच भारत सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम करने गए लोगों की सुरक्षा के इंतज़ाम और पुख़्ता कर दिए हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में विभिन्न परियोजनाओं में 290 भारतीय काम कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सोमवार को इस घटना का विवरण दिया गया है और उन्होंने एम रमन कुट्टी की रिहाई के लिए हर संभव क़दम उठाने के निर्देश दिए हैं.
नवतेज सरना के अनुसार अपहरण 19 नवंबर को दोपहर हुआ. उस समय वे गुरगुरी से मिन्नार की ओर जा रहे थे.
उन्होंने बताया कि शाम को एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी को फ़ोन पर करके इस अपहरण की सूचना दी और अपने आपको तालेबान से संबद्ध बताया.
अफ़ग़ानिस्तान में भारत के राजदूत राकेश सूद ने बीबीसी से कहा कि किसी ने भी अब तक भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं किया है.
उल्लेखनीय है कि कुट्टी के साथ बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के एक अफ़ग़ानी ड्राइवर और दो सुरक्षाकर्मियों का भी अपहरण हुआ है.
अफ़ग़ानिस्तान में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन की आठ करोड़ तीस लाख डॉलर की परियोजना में कई भारतीय और अफ़ग़ानी काम कर रहे हैं.
इससे पहले भी तालेबान ने दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में कई तुर्कों और भारतीयों का अपहरण कर चुके हैं.
दिसंबर 2003 में भी अफ़ग़ानिस्तान में दो भारतीयों का अपहरण हुआ था लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया था.