शुक्रवार, 18 नवंबर, 2005 को 15:56 GMT तक के समाचार
मीरगंज से शिवानंद गिरि
बिहार के गोपालगंज जिले के मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय़ प्रत्याशी श्रीमती रेणू देवी की उम्मीदवारी ने यहाँ मुक़ाबले को रोचक बना दिया है.
रेणू राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे साले और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के भाई सांसद सुभाष यादव की पत्नी हैं.
लेकिन वे आरजेडी गठबंधन के उम्मीदवार के ख़िलाफ़ चुनावी समर में कूदी हैं. यों कहें कि इस सीट पर लालू यादव और राबड़ी देवी के कुनबे आमने–सामने हैं तो ग़लत नहीं.
यहाँ रेणू देवी के लिए राबड़ी के भाई सुभाष वोटों की जुगाड़ कर रहे हैं, तो दूसरी ओर लालू के बड़े भाई गुलाब यादव और ख़ुद लालू-राबड़ी राजद गठबंधन के प्रत्याशी बाबूद्दीन ख़ान के लिए वोट मांग रहे हैं.
पिछले चुनाव में यह स्थिति गोपालगंज सीट पर देखनी पड़ी थी, जहाँ से लालू के मंझले साले साधु यादव ने अपनी पत्नी इंदिरा देवी को निर्दलीय खड़ा कर उनके चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली थी, तो लालू –राबड़ी राजद प्रत्याशी अम्बिका चौधरी के लिए प्रचार कर रहे थे.
उम्मीदवारी
आख़िर ऐसा क्यो हो हो रहा है लालू की ससुराल पार्टी में, यह पूछने पर लालू की छोटी सलहज व बाग़ी उम्मीदवार रेणू देवी कहती हैं, "मैं यहाँ की बेटी और बहू हूँ और यहाँ की जनता ने मुझे यहाँ खड़ा किया है, मैं चुनाव लड़नेवाली नही थी, लेकिन आरजेडी गठबंधन के प्रत्याशी यहाँ की जनता के पसंदीदा नेता नहीं थे, इसलिए लोगों ने मुझे उम्मीदवार बनाया है."
रेणू का कहना है कि उन्होंने आरजेडी का टिकट हासिल करने की कोशिश की थी लेकिन मीडिया वालों ने परिवारवाद को लेकर हल्ला मचाया और लालूजी मजबूर हो गए और टिकट नहीं मिला.
उन्होंने कहा, "लालूजी नहीं चाहते थे कि मैं चुनाव लड़ूँ और जब चुनाव लड़ रही हूँ तो मीडिया वाले हल्ला मचा रहे हैं. हमें चैन से रहने नहीं देना चाहते मीडिया वाले."
इन सबके बावजूद रेणू का लालू यादव के प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है और वे उन्हें और राबड़ी देवी को अपना गार्जियन मानती हैं.
आठ महीने पहले हुए चुनाव में लालू के बड़े साले प्रभुनाथ यादव मीरगंज से तथा मँझली सलहज इंदिरा गोपालगंज से हार गए थे.