गुरुवार, 17 नवंबर, 2005 को 15:49 GMT तक के समाचार
भारत सरकार ने कश्मीर में लोगों के नियंत्रण रेखा के आर-पार जाने के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि 19 और 26 नवंबर और तीन और 10 दिसंबर को लोग टीटवाल से आ-जा सकेंगे जबकि पुंछ से 21 नवंबर और पाँच दिसंबर को.
इसके अलावा मेंडर से आने-जाने के लिए 28 नवंबर और 12 दिसंबर को रास्ता खुला रहेगा.
उड़ी-चकोटी का रास्ता एक दिसंबर को खुला रहेगा जबकि उड़ी-हाजीपुर का रास्ता 28 नवंबर और आठ दिसंबर को.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने बीबीसी को बताया, "भारतीय कश्मीर से 83 लोगों को पाकिस्तानी कश्मीर आने और पाकिस्तानी कश्मीर से 70 लोगों को भारतीय कश्मीर जाने दिया जाएगा."
प्रवक्ता ने बताया कि केवल उन्हीं लोगों को नियंत्रण रेखा पार करने की छूट दी जाएगी जिनके नामों की पुष्टि हो चुकी है.
इससे पहले पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में फँसे हुए 24 भारतीय नागरिक गुरुवार को नियंत्रण रेखा पार करके भारत प्रशासित कश्मीर में आ गए.
ये लोग आठ अक्तूबर 2005 को भूकंप आने के बाद से वहाँ फँस गए थे.
इसके अलावा दोनों देशों ने भूकंप पीड़ितों के लिए नियंत्रण रेखा के ज़रिए कुछ राहत सामग्री का भी आदान-प्रदान किया.
पाकिस्तान सरकार का अनुमान है कि आठ अक्तूबर को आए भूकंप से मृतकों की संख्या 73,000 से अधिक है.
वहीं भारत प्रशासित कश्मीर में भूकंप से लगभग 1400 लोग मारे गए थे.
भूकंप पर पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी हो रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री ई अहमद इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.