गुरुवार, 17 नवंबर, 2005 को 11:16 GMT तक के समाचार
आठ अक्तूबर 2005 को भूकंप आने के बाद से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में फँसे हुए 24 भारतीय नागरिक गुरुवार को नियंत्रण रेखा पार करके भारत प्रशासित कश्मीर में आ गए.
इसके अलावा दोनों देशों ने भूकंप पीड़ितों के लिए नियंत्रण रेखा के ज़रिए कुछ राहत सामग्री का भी आदान-प्रदान किया.
वैसे दोनों देश इस बात के लिए राज़ी हो चुके हैं कि जिन पाँच स्थानों से नियंत्रण रेखा को खोला गया है उनमें से एक स्थान से कश्मीरी परिवार आर-पार जा सकेंगे लेकिन यह 24 नवंबर को होना है.
पाकिस्ती विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने बीबीसी को बताया, "भारतीय कश्मीर से 83 लोगों को पाकिस्तानी कश्मीर आने और पाकिस्तानी कश्मीर से 70 लोगों को भारतीय कश्मीर जाने दिया जाएगा."
प्रवक्ता ने बताया कि केवल उन्हीं लोगों को नियंत्रण रेखा पार करने की छूट दी जाएगी जिनके नामों की पुष्टि हो चुकी है.
कमान पोस्ट पर
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में अटके 24 भारतीय नागरिक कमान पोस्ट के रास्ते गुरूवार को भारतीय प्रशासित कश्मीर में दाख़िल हुए.
ये लोग अक्तूबर में आए भूकंप से पहले वहाँ गए थे लेकिन सड़कें बंद होने के कारण वापस नहीं लौट सके थे.
वैसे तो 50 यात्री वहाँ फँसे हुए थे लेकिन कुछ लोग वाघा बॉर्डर के रास्ते वापस लौट आए थे.
गुरुवार को लौटे यात्रियों ने यहाँ लौटने पर ख़ुशी ज़ाहिर की है.
75 साल के गुलाब जान ने कहा, "मैं अपने बच्चों के पास लौटने के लिए आतुर था लेकिन सड़कें ही नहीं थीं."
ज़रीना भी लौटने वालों में से थीं और उन्होंने बताया कि उनके कई रिश्तेदारों की भूकंप में मौत हो गई और वे ख़ुद भी मलबे में फँस गई थीं.
भारत प्रशासित कश्मीर से उस ओर गए यात्रियों में से दो की भूकंप में मौत हो गई थी और 19 का अभी तक पता नहीं चल सका है.
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से आए यात्रियों में से 18 अभी भी भारत प्रशासित कश्मीर में हैं.
पाकिस्तान सरकार का अनुमान है कि आठ अक्तूबर को आए भूकंप से मृतकों की संख्या 73,000 से अधिक है.
वहीं भारत प्रशासित कश्मीर में भूकंप से लगभग 1400 लोग मारे गए थे.