बुधवार, 16 नवंबर, 2005 को 11:22 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
भारत में उत्तर प्रदेश राज्य की सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि महिलाओं के कपड़े पहनने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ क्या सलूक किया जाए.
यह मामला पिछले सप्ताह तब सामने आया जब उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत देवेन्द्र कुमार पांडा पीले रंग की सलवार में और लिपिस्टिक लगा कर अदालत में उपस्थित हुए.
दरअसल कृष्ण भक्ति में पूरी तरह रंगे पुलिस अधिकारी देवेन्द्र कुमार पांडा ख़ुद को भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा मानने लगे हैं.
ख़ुद पांडा की पत्नी उनके राधा रूप से न सिर्फ अप्रभावित हैं, बल्कि उन्होंने पांडा पर पति धर्म का निर्वाह नहीं करने का आरोप लगाते हुए तलाक की अर्ज़ी दे दी है.
लखनऊ की एक अदालत ने पांडा को निर्देश दिया है कि वो गुजारा भत्ता के रूप में हर महीने अपनी पत्नी को 7,000 रुपये दें.
पांडा की पत्नी वीणा को डर है कि अपने कार्यकलाप से पांडा अपनी नौकरी गंवा सकते हैं.
कृष्ण रंग में रंगे
देवेन्द्र और वीणा शादी के बाद पिछले 33 वर्षों से साथ-साथ रह रहे हैं.
वीणा का आरोप है कि देवेन्द्र ने अपने परिवार पर ध्यान देना बंद कर दिया है और उनका समय घर कें आंगन में लगे पीपल के पेड़ की पूजा और कृष्ण का गुणगान करने में बीतता है.
पांडा ने अपने घर के एक कमरे में किसी के प्रवेश की मनाही कर रखी हैं. वह कहते हैं, "ये मेरा प्राइवेट बेडरूम है. सिर्फ़ कृष्ण यहाँ आ सकते हैं."
भारत में भक्ति में रंगे लोगों का असाधारण व्यवहार कोई नई बात नहीं है, लेकिन पांडा का मामला थोड़ा अलग है क्योंकि वह एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं.
पांडा के सहकर्मियों ने वर्षों तक इस राज को छुपाए रखा कि उनकी महिला वस्त्रों में रुचि है. लेकिन अब जबकि पूरा मामला मीडिया में चर्चा का विषय बन चुका है सरकार को इस पर विचार करना पड़ रहा है.
राज्य के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह कहते हैं, "पांडा की वेशभूषा और व्यवहार विचित्र है. हो सकता है उन्हें किसी तरह की मानसिक समस्या हो, और ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से मामला गड़बड़ा भी सकता है."