रविवार, 13 नवंबर, 2005 को 19:43 GMT तक के समाचार
बिहार के जहानाबाद में जेल परिसर और पुलिस लाइन पर सैकड़ों माओवादी उग्रवादियों के हमले में दो लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा कर लिया है.
स्थानीय पत्रकार राजकुमार ने बीबीसी को बताया कि पुलिस लाइन पर माओवादियों का हमला तो नाकाम हो गया लेकिन जेल पर हमला करके माओवादियों ने अपने सैकड़ों साथियों को छुड़ा लिया.
जेल परिसर पर हुए हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और माओवादियों ने जेल में बंद रणवीर सेना के एक समर्थक की हत्या कर दी.
माओवादी विद्रोहियों ने अपने 250 साथियों को छुड़ाने के साथ-साथ अपने प्रतिद्वंद्वी रणवीर सेना के दर्जनों समर्थकों को भी अगवा कर लिया.
बीबीसी से बातचीत में बिहार के पुलिस महानिदेशक आशीष रंजन सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है कि हमले में कई लोगों को छुड़ाया गया है लेकिन संख्या के बारे में वे निश्चित नहीं थे.
उन्होंने कहा कि ये संख्या 10 से 200 तक हो सकती है और क़ैदियों की गिनती की जा रही है. आशीष रंजन ने कहा कि नहीं मानते कि ये सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी है. क्योंकि पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन पर हुए हमले को नाकाम कर दिया.
गोलीबारी
रात नौ बजे के आसपास माओवादियों ने जेल परिसर पर हमला किया. ये हमला दो घंटे तक चला. माओवादियों ने बम विस्फोट भी किया. पुलिस और माओवादियों के बीच 1000 चक्र गोलियाँ चली.
ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुँच गए हैं. राजधानी पटना से अतिरिक्त पुलिसकर्मी जहानाबाद पहुँच गए हैं.
जहानाबाद के ज़िलाधिकारी कुमार राणा अवधेश ने बीबीसी को बताया कि बड़ी संख्या में नक्सलवादियों ने पुलिस लाइन पर हमला किया.
लेकिन तीन घंटे तक चली गोलीबारी के बाद माओवादी वहाँ से भाग गए. उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन पर हमला करने का मकसद शस्त्रागार लूटना था.
जेल परिसर में माओवादी कुछ पर्चे भी छोड़ गए हैं. इस पर्चे में उन्होंने अपनी कार्रवाई का नाम दिया है 'ऑपरेशन जेल ब्रेक'.
इस पर्चे में कहा गया है कि उन्होंने इस कार्रवाई के लिए रूसी क्रांति का दिन 13 नवंबर चुना. पर्चे में माओवादियों ने कहा है कि जेल पर हमले का मक़सद था अपने साथियों को छुड़ाना और रणवीर सेना के समर्थकों को मारना.