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रविवार, 13 नवंबर, 2005 को 11:55 GMT तक के समाचार

दिल्ली धमाका: 'प्रमुख संदिग्ध गिरफ़्तार'

दिल्ली पुलिस का दावा है उसने दिल्ली में हुए धमाकों के प्रमुख संदिग्ध को पकड़ लिया है. पुलिस ने धमाकों के लिए लश्कर-ए-तैयबा को ज़िम्मेदार ठहराया है.

दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली पुलिस आयुक्त केके पॉल ने बताया कि 29 अक्तूबर को हुए धमाकों में 'चार आतंकवादियों' का हाथ था जिनमें से दो जम्मू-कश्मीर के थे जबकि अन्य दो विदेशी हो सकते हैं.

उन्होंने इन धमाकों के सिलसिले में अबू-अलकामा और अबू-हज़ेफ़ा नाम के लश्कर-ए-तैयबा के दो साथियों का नाम भी उजागर किया.

'अहम सुराग'

दिल्ली पुलिस ने धमाकों के संबंध में अहम सुराग हाथ लगने और धमाके की गुत्थी सुलझाने का भी दावा किया है.

दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से तारिक़ अहमद डार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था.

पुलिस के मुताबिक़ इस व्यक्ति के तार लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं और यह दिल्ली में चार से छह अक्तूबर के दौरान आया था जिसने यहाँ आतंकवादियों की मदद की.

श्रीनगर में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सेल्स एक्ज़िक्यूटिव की हैसियत से काम करनेवाले इस शख़्स को इससे पहले हवाला मामले और ग़ैरक़ानूनी रूप से हथियार रखने के मामले में गिरफ़्तार किया जा चुका है.

पुलिस आयुक्त केके पॉल ने कहा, "हम मामले की लगभग तह तक पहुँच चुके हैं और आतंकवादियों की तलाश जारी है. जाँच महत्वपूर्ण मोड़ पर है पर हमारे हाथ क्या सबूत आए हैं, यह सारी जानकारी अभी बताना मुनासिब नहीं है."

उन्होंने बताया कि जो सबूत इकट्ठा हुए हैं वो इस पूरे मामले को समझने के लिए पर्याप्त हैं.

उन्होंने बताया, "इन विस्फोटों में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था. घटनास्थल से जो चीज़ें मिली हैं उनमें बैटरी और टाइमर शामिल हैं."

पिछले महीने 29 अक्तूबर को दिल्ली में सिलसिलेवार हुए तीन बम विस्फोटों में 61 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे.

इन विस्फोटों की जाँच के लिए दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त और दिल्ली पुलिस की विशेष सेल के उपायुक्त अजय कुमार के नेतृत्व में एक तीन सौ अधिकारियों की टीम गठित की गई है.