सोमवार, 07 नवंबर, 2005 को 16:09 GMT तक के समाचार
सोमवार को भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को विभाजित करने वाली नियंत्रण रेखा एक स्थान पर खोली गई ताकि भूकंप पीड़ित इलाक़ों में राहत सामग्री भेजी जा सके.
लेकिन दोनों ओर की आम कश्मीरी जनता को निराशा ही हाथ लगी क्योंकि उन्हें नियंत्रण रेखा पार करने की अनुमति नहीं दी गई.
पहले नियंत्रण रेखा को पाँच स्थानों पर खोलने की सहमति बनी थी लेकिन अब सिर्फ़ पुँछ-रावलाकोट में ही नियंत्रण रेखा को राहत सामग्री ले जाने के लिए खोला गया.
रावलाकोट में मौजूद बीबीसी के संवाददाता अली हसन ने बताया कि "भारत की ओर राहत सामग्री बहुत ही अच्छे माहौल में पाकिस्तान आ रही थी, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की ओर बहुत बड़ी संख्या में लोग जमा थे जो नज़दीक जाकर देखना चाहते थे कि क्या हो रहा है."
जब लोगों का हुजूम नियंत्रण रेखा के करीब पहुँचने की कोशिश करने लगा तो पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को उन्हें पीछे हटाने के लिए हवाई फ़ायरिंग करनी पड़ी, आँसू गैस के गोले भी छोड़े गए.
बीबीसी संवाददाता ने बताया कि सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लोगों ने निराशा का इज़हार किया, एक व्यक्ति ने कहा, "अगर हमें जाने नहीं दे रहे तो नियंत्रण रेखा को खोलने का क्या मतलब हुआ."
पुँछ में मौजूद बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने बताया कि 25 ट्रक पुँछ से रावलाकोट भेजे गए जिन पर तंबू, दवाइयाँ, आटा, चावल और ज़रूरत के दूसरे सामान लदे हुए हैं.
लोगों को अनुमति
पुँछ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि जल्दी ही लोगों को आने-जाने की अनुमति भी दी जाएगी, उसके तौर-तरीक़े तय कर लिए गए हैं.
उन्होंने कहा, "लोगों की क्रॉसिंग हफ़्ते में एक बार ही हो पाएगी क्योंकि उनका नियंत्रण रेखा पार करने का परमिट एक सप्ताह का होगा, उनके लिए वही नियम लागू होंगे जो श्रीनगर मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा के लोगों पर लागू होते हैं."
पुंछ से बीबीसी के संवाददाता शकील अख़्तर ने बताया कि शाम तक सभी 25 ट्रक पाकिस्तानी कश्मीर पहुँच गए थे और उन पर से माल उतारा जा रहा था.
भारत और पाकिस्तान की सरकारें भविष्य में कुछ और स्थानों पर नियंत्रण रेखा को खोलने पर विचार कर रही हैं.
भारत का कहना है कि इसी सप्ताह में बाक़ी के दो जगहों पर नियंत्रण रेखा को खोल दिया जाएगा. लेकिन जो लोग नियंत्रण रेखा पार करना चाहते हैं, उन्हें अभी और इंतज़ार करना पड़ सकता है.
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद के उपायुक्त का कहना है कि अभी उन्होंने नियंत्रण रेखा पार करने के इच्छुक लोगों को परमिट हासिल करने के लिए आवेदन पत्र बाँटना नहीं शुरू किया है.
उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में इच्छुक लोगों के पास आवेदन पत्र भेज दिए जाएँगे.