मंगलवार, 08 नवंबर, 2005 को 05:42 GMT तक के समाचार
विदेश मंत्री नटवर सिंह से उनका मंत्रालय ले लिया गया है लेकिन वे कैबिनेट मंत्री बने रहेंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि नटवर सिंह ने ख़ुद अपना पद छोड़ने की पेशकश की लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अनुरोध था कि वे मंत्रिमंडल में बने रहें.
यह फ़ैसला सोमवार शाम चार बजे प्रधानमंत्री निवास पर हुई एक बैठक के बाद लिया गया.
वोल्कर समिति की रिपोर्ट में पिछले दिनों नटवर सिंह के नाम के सामने आने के बाद लगातार चले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद यह फ़ैसला किया गया है.
इससे पहले केंद्र सरकार ने सोमवार को वोल्कर मामले की न्यायिक जाँच कराने की घोषणा की और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएस पाठक को जाँच का जिम्मा सौंपा दिया है.
भाजपा संतुष्ट नहीं
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने पत्रकारों को बताया कि जस्टिस पाठक विदेश मंत्री नटवर सिंह और कांग्रेस के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच करेंगे.
जस्टिस पाठक हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीश भी रह चुके हैं.
लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय मल्होत्रा ने कहा कि ये काफ़ी नहीं है और केवल संसद में हंगामें से बचने के लिए उठाया गया कदम है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सोनिया गाँधी समेत पूरी काँग्रेस पार्टी शामिल है और इस मामले की जाँच सीबीआई जैसी किसी एजेंसी से करवाई जानी चाहिए.
रिपोर्ट
ग़ौरतलब है कि इराक़ में 'तेल के बदले अनाज कार्यक्रम' की जाँच करने वाली वोल्कर समिति की रिपोर्ट में नटवर सिंह का नाम आने के बाद से इस मामले ने तूल पकड़ लिया था.
वोल्कर समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से कांग्रेस और नटवर सिंह को आर्थिक लाभ पहुँचा है.
संयुक्त राष्ट्र ने 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की जाँच करने के लिए वोल्कर समिति का गठन किया था जिसमें दो हज़ार से ज़्यादा विदेशी कंपनियों पर सद्दाम हुसैन की सरकार को अवैध भुगतान करने का आरोप लगाया है.