सोमवार, 07 नवंबर, 2005 को 00:20 GMT तक के समाचार
एक ऐतिहासिक क़दम के तहत भारत और पाकिस्तान ने भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए कश्मीर में नियंत्रण रेखा आज एक स्थान पर खोल दी है.
भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मौक़े पर हाथ मिलाए और राहत सामग्री से लदे 25 ट्रक नियंत्रण रेखा तक भेजे गए.
इसके बाद वहाँ से राहत सामग्री पाकिस्तान में भेज दी गई.
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में नियत्रंण रेखा पर मौजूद संवाददाता अली हसन के बताया कि इस मौक़े पर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हैं.
भारतीय प्रशासित कश्मीर में उच्च अधिकारी ब्रज राज शर्मा ने समाचार एजेंसी एपी से कहा ये एक ऐतिहासिक क्षण है.
उन्होंने कहा, "कहते हैं विपदाएँ लोगों को एकजुट करती हैं, आज यही हो रहा है."
आवाजाही नहीं
इस बीच भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति नियंत्रण रेखा को पार नहीं कर सकेगा.
भारतीय सेना के प्रवक्ता एके बख्शी ने बताया कि कोई भी नागरिक नियंत्रण रेखा को पार नहीं कर पाएगा क्योंकि अभी औपचारिकताएँ पूरी नहीं हो पाई हैं.
उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि 17 नवंबर से पहले कोई भी नागरिक नियंत्रण रेखा पार कर पाएगा.
दूसरी ओर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने भी बीबीसी को बताया कि अभी भी भारत सरकार की ओर से नियंत्रण रेखा पार करने वाले कश्मीरियों की सूची नहीं मिली है.
उन्होंने प्रक्रिया में देरी के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया और बताया कि भारत चाहता है कि दोनों देश उसी प्रक्रिया का पालन करें जैसा श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस यात्रियों के संबंध में हुआ था.
भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बातचीत में पहले भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए नियंत्रण रेखा सात नवंबर से पाँच जगह खोलने पर सहमति हुई थी.
लेकिन बाद में कहा गया कि सात नवंबर को नियंत्रण रेखा तीन जगह से खुलेगी और फिर शनिवार को कहा गया कि नियंत्रण रेखा सिर्फ़ एक जगह ही खुलेगी.
नए प्रस्ताव के मुताबिक़ नौ नवंबर को उड़ी-चकोटी नियंत्रण रेखा खुलेगी और 10 को तीथवाल-नौसेरी नियंत्रण रेखा को राहत कार्यों के लिए खोला जाएगा.
भारत का कहना है कि वह पाँच जगहों से नियंत्रण रेखा तुरंत नहीं खोल सकता. क्योंकि बारुदी सुरंग हटाने और सड़कों को ठीक करने का काम अभी चल रहा है.
भारत का कहना है कि इसी सप्ताह में बाक़ी के दो जगहों पर नियंत्रण रेखा को खोल दिया जाएगा.