रविवार, 06 नवंबर, 2005 को 08:04 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दक्षिण एशिया में आए भूकंप के बाद अब राहत कार्यों के तहत लोगों को सर्दी से बचाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र के आपादा समन्वय अधिकारी ने आगाह किया है कि तीस लाख बेघर लोगों से में ज़्यादातर लोग सर्दी का मौसम होने शुरू से ख़तरे में पड़ सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी जान वांडेमूरटेली ने कहा कि भूकंप प्रभावित लोगों को इससे बचाने के लिए बहुत कम क़दम उठाए गए हैं.
उन्होंने एएफ़पी को बताया कि अगले बड़ी समस्या लोगों को सर्दी से बचाने की है.
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने कहा कि लोगों को स्टोव, केरोसीन और गैस की आपूर्ति करना अब पहली प्राथमिकता है.
पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर ग़ज़ानफ़र अली ने भी कहा है कि कम से कम दो लाख हीटरों की ज़रूरत है.
एक अन्य संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने कहा कि पैसे की कमी के चलते ये तय करना होगा कि किसे पहले मदद की ज़्यादा ज़रूरत है.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसे 55 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है लेकिन उसे 13 करोड़ डॉलर ही मिले हैं.
इससे पहले राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा था कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए बहुत कम मदद मिली है और ये दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दोहरे मापदंड हैं.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीका से एफ़-6 विमानों की ख़रीद पर भी फ़िलहाल रोक लगाने की घोषणा की थी.
उन्होंने कहा कि इस वक़्त भूकंप पीड़ितों पर संसाधन लगाने की ज़रूरत है.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक़ भूकंप में 74000 लोग मारे गए हैं.
उधर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा सात नवंबर को केवल एक ही स्थान पर खुलेगी.
अन्य दो स्थानों को बाद में खोला जाएगा.
बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी ने बताया है कि अधिकारियों ने कहा है कि ये स्पष्ट नहीं है कि लोग सीमा पार कर सकेंगे या नहीं क्योंकि उनके आवेदनों पर अभी काम चल रहा है.