भारतीय सेना ने भारत और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को अलग करने वाली नियंत्रण रेखा को तीन जगहों से खोलने की सारी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं.
सेना के हवाले से बताया गया कि दोंनों ओर के भूकंप प्रभावित लोगों को मदद के लिए नियंत्रण रेखा खोलने के दोनों देशों के समझौते के मद्देनज़र भारतीय सेना ने अपनी ओर से तैयारियाँ पूरी कर ली हैं.
दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा को पाँच जगहों से खोलने पर सहमति बनी है.
इसी के तहत सोमवार यानी सात नवंबर को नियंत्रण रेखा एक जगह पर खोल दी जाएगी.
भारतीय सेना के एक प्रवक्ता, मेजर जनरल वीके सिंह ने पत्रकारों को श्रीनगर में बताया कि बाकी चार जगहों पर सीमा खोलने में देरी शायद पाकिस्तानी सेना की ओर से तैयारियों में कमी के चलते हो रही है.
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि दूसरी ओर की तैयारियाँ पूरी नहीं हो सकी हैं औऱ इसी के चलते देरी हो रही है. हमारी ओर से तो सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं."
नियंत्रण रेखा को सोमवार को एक जगह से खोल दिया जाएगा जबकि बाकी की दो जगहों, उरी और तीतवाल को इसी महीने की नौ और 10 तारीख को खोले जाने की संभावना है.
हालांकि इससे पहले दोनों देशों की सरकारों की ओर से सात नवंबर को पाँचों स्थानों से नियंत्रण रेखा को खोलने की बात कही गई थी.
जनरल सिंह ने बताया कि बाकी दोनों जगहों से सीमा खोलने के लिए तैयारी की जा रही है.
उन्होंने कहा, "पाँचों स्थानों पर सीमा खोली जाएगी. हर एक जगह पर सीमा खोलने के लिए तैयारी करने में वक्त लग रहा है. कुछ जगहों पर बारूदी सुरंगों को हटाने का काम पूरा हो गया है और सड़क बना दी गई है."
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तीतवाल में किशनगंगा नदी पर पाकिस्तानी फ़ौज द्वारा पुल बनाने का काम पूरा किया जा चुका है.
सेना प्रवक्ता ने बताया कि आठ अक्टूबर को आए भूकंप के बाद से अलगाववादी ताकतों ने भारत की ओर की नियंत्रण रेखा पर इस प्रयास को प्रभावित करने की चार बार कोशिश की है, बावजूद इसके इन घटनाओं से लोगों के लिए नियंत्रण रेखा खोलने की कार्यवाही पर कोई असर नही पड़ेगा.