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रविवार, 06 नवंबर, 2005 को 17:40 GMT तक के समाचार

नगेंदर शर्मा
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

'शांति प्रक्रिया में प्रगति संतोषजनक'

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया में प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसका श्रेय दोनों देशों की जनता को दिया है.

हालाँकि उन्होंने कहा है कि कितनी जगह पर नियंत्रण रेखा खोली जाए यह पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगा.

बीबीसी हिंदी सेवा के कार्यक्रम आपकी बात बीबीसी के साथ में श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए आज़ाद ने कहा कि देर से और धीमी गति से ही सही पर भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया आगे बढ़ी है.

उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया में आगे की प्रगति पाकिस्तान के रूख़ पर निर्भर करेगी.

आज़ाद ने कहा कि एक हफ़्ते के भीतर नियंत्रण रेखा पर तीन-चार जगहों पर भूकंप राहत केंद्र शुरु हो जाएंगे.

उन्होंने कहा, "आतंकवाद और अलगाववादी ताकतें एक बड़ा सवाल तो हैं पर हम प्रदेश में शांति स्थापित करने में कोई समझौता नहीं करेंगे."

आज़ाद ने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच लंबे समय से एक पुरानी लड़ाई चली आ रही है. दोनों देशों ने इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना एक दृष्टिकोण रखा है और ऐसे में उससे पीछे हटने में वक्त तो लगेगा पर दोनों मुल्क धीरे-धीरे एक सहमति की ओर बढ़ रहे हैं.

गुलाम नबी शांति प्रक्रिया का श्रेय लोगों का देते हुए उन्होंने कहा कि हमें निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि कुछ प्रगति तो हो रही है.

उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच नफ़रत की जो दीवार थी, वो टूट रही है. इसका श्रेय दोनों तरफ़ की जनता को जाता है."

उन्होंने बताया कि दोनों ओर के लोगों के बीच संवेदनाएं बढ़ रही हैं और इससे दोनों देशों की सरकारों पर भी दबाव बना है.

आज़ाद ने आशा जताई कि पाकिस्तान के लोगों की आवाज़ को वहाँ की हुकूमत मानेगी और दोनों देशों के बीच अमनबहाली को बल मिलेगा.