शनिवार, 05 नवंबर, 2005 को 09:50 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय जनता दल के विवादास्पद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को दिल्ली में शनिवार को उनके सरकारी आवास से गिरफ़्तार कर लिया गया.
शहाबुद्दीन बिहार के सीवान क्षेत्र से सांसद हैं और पीटीआई के अनुसार उन्हें दिल्ली स्थित उनके सांसद निवास से बिहार पुलिस के एक दल ने गिरफ़्तार किया.
इसके पहले उनकी गिरफ़्तारी को लेकर बिहार सरकार ने देशव्यापी अलर्ट घोषित कर दिया था.
बिहार की पुलिस ने सभी राज्यों की पुलिस को सूचित किया था कि शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट है और वे जहाँ भी देखे जाएँ उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाए.
ग़ौरतलब है कि इसके पहले जब बिहार पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने दिल्ली पहुँची थी तब वो दिल्ली में ही थे और संसद के मानसून सत्र में हिस्सा ले रहे थे.
लेकिन इसके बाद वो लापता हो गए. पर इस बीच शहाबुद्दीन लगातार पत्रकारों से बात करते रहे हैं.
उन्होंने बातचीत में कहा था कि वो क़ानून से भाग नहीं रहे हैं और उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों के ख़िलाफ़ अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है.
वैसे तो शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ आठ ग़ैरज़मानती वारंट है लेकिन जिस मामले में पुलिस उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट लेकर घूम रही थी वह हथियारों से संबंधित है.
उल्लेखनीय है कि प्रशासन ने उनसे कहा था कि उनके और उनके परिवार के पास जो भी लाइसेंसी हथियार हैं उसे वे प्रशासन को सौंप दें.
लेकिन ऐसा न करने के कारण उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया था.
बिहार सरकार पर चुनाव आयोग के उस निर्देश का भी दबाव था जिसमें कहा गया है कि सरकार उन लोगों को जल्दी से जल्दी गिरफ़्तार करे जिनके ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट है.
शहाबुद्दीन को पिछले चुनाव के समय ज़िलाबदर किया गया था.