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मंगलवार, 01 नवंबर, 2005 को 17:46 GMT तक के समाचार

दिल्ली धमाकों की छाया दीपावली पर

पूरे भारत में दीपावली धूम-धाम के साथ मनाई जा रही है लेकिन दिल्ली में जहाँ तीन दिन पहले बम धमाकों में 62 लोग मारे गए हैं, वहाँ दीपावली पर दहशत का साया भी दिख रहा है.

कड़ी सुरक्षा के बीच दीपावली मनाई जा रही है और लोगों को मंदिरों में जाने के लिए सुरक्षा जाँच से गुज़रना पड़ रहा है.

दिल्ली में बीबीसी के संवाददाता माइक वुलरिज का कहना है कि बम धमाकों की परछाईं दीपावली के त्यौहार पर दिखाई दे रही है.

दिल्ली में दीपावली से पहले होने वाली खरीद-बिक्री पर भी बम धमाकों का असर पड़ा है, अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया था कि वे जब तक बहुत ज़रूरत न हो भीड़ भाड़ वाले इलाक़ों में न जाएँ.

राजधानी के एक दुकानदार दिनेश गुप्ता ने कहा, "बम धमाकों से बहुत असर पड़ा है, मेरे दुकान की बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी आ गई है."

वे कहते हैं, "लोग बुरा महसूस कर रहे हैं, वे उस तरह दीपावली नहीं मना पा रहे हैं जिस तरह हर वर्ष मनाते हैं."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दिल्ली में पटाखे तो चलाए जा रहे हैं लेकिन माहौल पिछले वर्षों के मुक़ाबले कुछ फीका-फीका लग रहा है.

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हर जगह पर एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई है.

खंडन और स्वागत

इससे पहले मंगलवार को चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा ने स्पष्ट किया था कि उसका दिल्ली के बम धमाकों से कोई संबंध नहीं है और साथ ही उसने कहा था कि ये हमले गैर इस्लामी हैं.

ख़ुद को लश्करे तैबा का प्रवक्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी के श्रीनगर स्थित संवाददाता को फ़ोन करके कहा था कि उनके संगठन का इस हमले से ताल्लुक नहीं है.

इसके बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि अगर लश्करे तैबा का यह बयान सही है तो वे उसका स्वागत करते हैं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार या जाँच एजेंसियों ने कभी भी दिल्ली में 29 अक्तूबर को हुए हमलों के लिए किसी संगठन का नाम नहीं लिया है और जाँच पूरी होने तक इस बारे में कोई बयान नहीं दिया जाएगा.