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मंगलवार, 01 नवंबर, 2005 को 03:18 GMT तक के समाचार

'चरमपंथ के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो'

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की प्रतिबद्धता पूरी करे.

सोमवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से फ़ोन पर बातचीत की.

भारत सरकार ने पहली बार ये संकेत दिया है कि दिल्ली धमाकों में शामिल लोगों के तार विदेशी चरमपंथी गुट से जुड़े हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से कहा कि 29 अक्तूबर को दिल्ली धमाके में 'विदेशी आतंकवादी गुट' के शामिल होने के संकेत से वे काफ़ी निराश हैं.

उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान भारत के ख़िलाफ़ होने वाली किसी भी चरमपंथी गतिविधियों पर कार्रवाई करे.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत में दिल्ली धमाके में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की.

पाकिस्तान ने भारत से सुबूत पेश करने के लिए कहा है पर साथ ही दिल्ली धमाकों की जाँच में सहयोग करने की पेशकश भी की है.

नाराज़गी

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से कहा कि भारत के लोग 'आतंकवादी घटनाओं' से काफ़ी नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के ख़िलाफ़ किसी तरह की हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत के बाद विदेशी संवाददाताओं और संपादकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "पाकिस्तान भारत सरकार और मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता है और किसी भी जाँच में सहयोग के लिए तैयार है."

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए कश्मीर में नियंत्रण रेखा को पाँच जगह से खोलने पर दोनों देशों के बीच हुई सहमति का स्वागत किया.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं इससे भी आगे जाने को तैयार हूँ. अगर कोई भी कश्मीरी नियंत्रण रेखा के इस पार या उस पार जाना चाहता है, तो वह वहाँ जाकर पुनर्निर्माण कार्य में हिस्सा ले सकता है."

उन्होंने अपनी बात दोहराई कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए दोनों देशों का क़रीब आना कश्मीर मसले को हल करने का भी एक मौक़ा है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि यह बहुत बड़ा मौक़ा है.

उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर से सैनिक भूकंप के कारण प्रभावित हुए हैं. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों को पूरे कश्मीर को सैन्यरहित करने के बारे में सोचना चाहिए.