मंगलवार, 01 नवंबर, 2005 को 05:15 GMT तक के समाचार
भारत में दीपावली को देखते हुए राजधानी दिल्ली और देश के कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. शनिवार को दिल्ली के दो व्यस्त बाज़ारों और एक बस में एक के बाद एक धमाके हुए थे. जिनमें 62 लोगों की मौत हो गई थी.
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बल ग़श्त लगा रहे हैं और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. इस बीच गृह मंत्रालय ने बीबीसी को बताया है कि शनिवार को हुए धमाकों के दोषियों के बारे में उनके पास सूचना है.
लेकिन मंत्रालय का कहना है कि इस बारे में कोई भी जानकारी देना जल्दबाज़ी होगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि तीनों धमाकों में जिस तरह के विस्फोटकों और टाइमर का इस्तेमाल किया गया है, उससे यही लगता है कि तीनों धमाकों के पीछे एक ही गुट का हाथ है.
रविवार को इस्लामी इन्क़लाबी महाज़ नाम के गुट ने दिल्ली धमाकों की ज़िम्मेदारी ली थी. लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह इस संगठन के दावे की जाँच कर रही है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ए रामदॉस ने मरने वालों की संख्या 62 होने की पुष्टि की है. अभी भी 89 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.
गश्त
दीपावली के मौक़े पर सुरक्षा-व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा बल गश्त लगा रहे हैं.
लेकिन पहाड़गंज और सरोजनी नगर बाज़ार में ख़रीददारी के लिए काफ़ी कम संख्या में लोग आ रहे हैं. सोमवार को दीपावली के एक दिन पहले बाज़ार लगभग ख़ाली था.
सरोजनी नगर में कपड़े की दूकान चलाने वाले हर्ष गोपालन ने बताया, "आम तौर पर दीपावली के एक दिन पहले मेरी दूकान में इतनी भीड़ होती है कि जगह नहीं होती लेकिन आज मैं आपसे बात कर पा रहा हूँ कि सिर्फ़ इसलिए क्योंकि मेरी दूकान में कोई ग्राहक नहीं."
मंदिरों और मस्जिदों में भी भीड़ कम देखी जा रही है. लेकिन इसके भी संकेत हैं कि शहर की ज़िंदगी पटरी पर लौट रही है.
दिल्ली घूमने आईं मीनाक्षी दत्ता कहती हैं, "यह बहुत दुख की बात है लेकिन ज़िंदगी तो चलती रहती है."