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रविवार, 30 अक्तूबर, 2005 को 07:34 GMT तक के समाचार

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

भारत की राजधानी दिल्ली में बम धमाकों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

इस्लामी इन्क़लाबी महाज़ नामक एक संगठन ने बम हमलों की ज़िम्मेवारी ली है. अब से पहले इस संगठन का नाम नहीं सुना गया था.

अधिकारियों ने शनिवार को हुए तीन धमाकों में 59 लोगों की मौत की पुष्टि की है.

इन विस्फोटों में घायल लोगों की संख्या 200 से ज़्यादा है जिनमें से कुछ की हालत बहुत गंभीर बताई जाती है.

राजधानी के प्रमुख भवनों, रेल और बस स्टेशनों तथा हवाई अड्डे पर हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.

विशेष पुलिस दस्ते विस्फोट स्थलों की गहन छानबीन जारी रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह का सुराग मिल सके.

हमलावरों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई है.

वीडियो रिपोर्ट: हमले के एक दिन बाद दिल्ली

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने सुरक्षा सलाहकारों के साथ आपात बैठकें की हैं.

धमाकों से जुड़ी तस्वीरें

सरकार ने विस्फोट के लिए चरमपंथियों को दोषी ठहराया है. हालाँकि किसी संगठन विशेष का नाम नहीं लिया गया है.

धमाके के तुरंत बाद पहाड़गंज का हाल

कुछ सुरक्षा अधिकारी धमाकों में चरमपंथी संगठन लश्करे तोयबा का हाथ होने से इनकार नहीं करते हैं.

इस बीच दिल्ली पुलिस ने धमाकों के संबंध में सुराग ढूँढने के लिए कई जगह छापे मारे हैं और कई लोगों से पूछताछ भी की गई है.

एक स्वर में निंदा

दिल्ली धमाकों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा हुई है.

अमरीकी विदेशमंत्री कौंडोलीसा राइस ने कहा है कि इस दुखद घटना ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि आतंकवाद सीमाएँ नहीं देखता.

चीन के राष्ट्रपति हू जिनताओ ने कहा कि दुनिया को और सुरक्षित बनाने के लिये चीन, भारत सहित पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिल कर काम करने को तैयार है.

ब्रिटेन ने कहा है कि इन धमाकों ने फिर दिखा दिया है कि चरमपंथियों को मानव जीवन की कोई परवाह नहीं है.

पाकिस्तान ने इन हमलों को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई कहा है.

फ़्रांस ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियाँ को किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफ़ी अन्नान ने भी हमले पर दुख व्यक्त किया है.