रविवार, 30 अक्तूबर, 2005 को 14:14 GMT तक के समाचार
एक कश्मीरी चरमपंथी संगठन ने दिल्ली बम हमलों की ज़िम्मेवारी ली है. हालाँकि पुलिस अभी इस दावे की सच्चाई की पड़ताल कर रही है.
भारत सरकार ने भी हमलों में चरमपंथियों का हाथ होने की बात की है, लेकिन किसी संगठन विशेष का नाम नहीं लिया है.
इस बीच रविवार शाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल की बैठक में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है.
रविवार को मीडिया संस्थानों को फ़ोन कर बम हमलों की ज़िम्मेवारी लेने वाले संगठन का नाम इस्लामी इन्क़लाबी महाज़ है.
अब से पहले इस संगठन का नाम चर्चा में नहीं आया था.
'लश्कर से जुड़े तार'
दिल्ली पुलिस इन्क़लाबी महाज़ के दावे की पड़ताल कर रही है.
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त करनैल सिंह ने संवाददाताओं को बताया, "यह 1996 में स्थापित एक संगठन है. हाल के दिनों में यह ठीक से सक्रिय नहीं रहा है. इसके तार लश्करे तय्यबा से जुड़े हैं."
उन्होंने हमलों के सिलसिले में किसी को हिरासत में लिए जाने की ख़बर को निराधार बताया.
करनैल सिंह ने कहा, "हमने जाँच के दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भर की है. जल्दी ही हमें सफलता मिलेगी."
उन्होंने कहा, "हमलों की टाइमिंग से लगता है कि तीनों धमाकों में एक ही संगठन का हाथ है."
उल्लेखनीय है कि तीनों धमाके 20 मिनट के अंतराल में हुए थे.
उन्होंने बताया कि गोविंदपुरी में बस पर फटे विस्फोटक में इलेक्ट्रॉनिक टाइमर का इस्तेमाल किया गया था.
उन्होंने कहा कि इस बात की जाँच की जा रही है कि धमाकों में प्रयुक्त विस्फोटक किस प्रकार का था.
इस बीच भारतीय राजधानी दिल्ली में शनिवार शाम हुए तीन बम धमाकों में 59 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है.
इन धमाकों की चपेट में आकर 200 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं जिनमें से कुछ की स्थिति बहुत गंभीर बताई जाती है.
राजधानी दिल्ली के प्रमुख भवनों, रेल और बस स्टेशनों तथा हवाई अड्डे पर हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.
विशेष पुलिस दस्ते विस्फोट स्थलों की गहन छानबीन जारी रखे हुए हैं ताकि किसी भी तरह का सुराग मिल सके.
हमलावरों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की गई है.