रविवार, 30 अक्तूबर, 2005 को 04:42 GMT तक के समाचार
भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए कश्मीर में सात नवंबर से नियंत्रण रेखा खोलने पर भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच सहमति हो गई है.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों ने बातचीत की. बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान नियंत्रण रेखा को पाँच जगह से खोलने पर सहमत हो गए हैं.
नियंत्रण रेखा नौसेरी-टीटवाल,चकोटी-उड़ी,हाजीपुर-उड़ी,रावलकोट-पुँछ और तत्तापानी-मेंधार पर खोली जाएगी.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया कि नियंत्रण रेखा पार करने के लिए वही नियम लागू होंगे जो श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा के लिए लागू किए गए हैं.
दोनों ओर राहत सामग्री भेजी जा सकेगी लेकिन सड़कों को हुए नुक़सान के चलते लोग सिर्फ़ पैदल जा सकेगें.
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने बताया कि नियंत्रण रेखा कितने समय तक खोली जाएगी इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है.
बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास ने बताया कि शाम को बातचीत कुछ देर के लिए रोक दी गई थी और आशंका जताई जा रही थी कि दिल्ली में हुए धमाकों के चलते बातचीत विफल न हो जाए.
लेकिन पाकिस्तान द्वारा हमले की निंदा किए जाने के बाद बातचीत दोबारा शुरू हो गई.
सहायता
वैसे भारत ने पाकिस्तान के भूकंप पीड़ितों के लिए ढाई करोड़ डॉलर यानी 112 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है.
इसके पहले भारत ने विमानों के ज़रिए पाकिस्तान राहत सामग्री पहुँचाई थी.
आठ अक्तूबर को आए भूकंप के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की यह पहली औपचारिक बैठक थी.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए कश्मीर में नियंत्रण रेखा को खोलने की पेशकश की थी जिसका भारत ने स्वागत किया था.
भारत ने तीन जगह पर राहत केंद शुरु करने और पाकिस्तान ने पाँच जगह पर लोगों की आवाजाही की अनुमति देने की पेशकश की थी.
भारतीय दल का नेतृत्व भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी दिलीप सिन्हा कर रहे थे.