शनिवार, 29 अक्तूबर, 2005 को 22:42 GMT तक के समाचार
दिल्ली में हुए तीन धमाकों के बाद वहाँ हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. सरकार ने लोगों को घर में ही रहने की सलाह दी है.
दिल्ली में हुए धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 से ज़्यादा हो गई है. 80 लोग घायल हैं. घायलों में 10 की हालत गंभीर बनी हुई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रसन्ना होता ने बीबीसी को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कई अस्पतालों का दौरा किया और बताया कि वे घटना पर नज़र रखे हुए हैं.
शहर के मुख्य चौराहों और इमारतों के बाहत पुलिस तैनात है.
अभी तक किसी ग्रुप ने इन विस्फोटों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
ये धमाके दीपावली और ईद से पहले हुए हैं जब बाज़ार में लोगों की ख़ासी भीड़ रहती है.
शांति की अपील
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना पर अफसोस जताया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि चरमपंथी हिंसा ने इसके ख़िलाफ़ लड़ाई कमज़ोर नहीं होगी.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इन धमाकों का निशाना बेकसूर लोगों को निशाना बनाया गया है.
प्रधानमंत्री ने एक जारी बयान में लोगों से शांत रहने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि चरमपंथी तत्वों के इरादों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सफ़दरजंग अस्पताल में घायलों को देखने गईं थीं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को तीन लाख और घायलों को 50 हज़ार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा.
धमाके
दिल्ली में पहला धमाका भीड़ भाड़ भरे पहाड़गंज इलाक़े में भारतीय समयानुसार साढे पाँच बजे हुआ.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़गंज का विस्फोट ख़ासा शक्तिशाली था और इसमें अनेक लोग हताहत हुए.
पहाड़गंज नई दिल्ली स्टेशन के एकदम नज़दीक है और गली कूचों वाले इस इलाक़े में हमेशा भीड़ रहती है.
दूसरा विस्फोट आधे घंटे बाद शाम लगभग छह बजे सरोजनी नगर में हुआ.
विस्फोट के बाद बाज़ार में बिक्री के लिए सजी आतिशबाज़ी में आग लग गई.बीबीसी के पॉल डानहर के अनुसार इस इलाक़े में हुए विस्फोट में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं.
तीसरा विस्फोट दक्षिण दिल्ली के गोविंदपुरी इलाक़े में एक बस में हुआ.
घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों की संख्या को देखते हुए चिकित्सक कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं.