गुरुवार, 27 अक्तूबर, 2005 को 08:35 GMT तक के समाचार
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और कई अन्य ज़िलों में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है.
दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण उड़ीसा के तटीय इलाक़ों में चेतावनी जारी कर दी गई है.
प्रशासन ने चेन्नई, तिरुवल्लूर और काँचीपुरम ज़िलों के स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है.
चेन्नई में चार हज़ार से अधिक लोगों को निचले इलाक़ों से हटाया गया है. इन लोगों को नगर निगम के 250 से अधिक स्कूलों में ठहराया गया है.
उत्तरी चेन्नई के कई इलाकों में घुटनों-घुटनों तक पानी भरा हुआ है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बुधवार रात से चेन्नई में 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण यह बारिश हो रही है.
भारी बारिश के कारण उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को तिरुअनंतपुरम भेज दिया गया है.
तूफ़ान का खतरा
पांडिचेरी से भी बुधवार रात से लगातार बारिश की ख़बरें आ रही हैं.
वहाँ भी प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा कर दी है.
बंगाल की खाड़ी में तट से 700 किलोमीटर दूर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है.
मौसम विभाग का कहना है कि कम दबाव का यह क्षेत्र तूफ़ान में तब्दील हो सकता है.
इससे उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़े प्रभावित हो सकते हैं.
ग़ौरतलब है कि 1999 में उड़ीसा में एक बड़ा तूफ़ान आया था.
बंगलौर का बुरा हाल
कर्नाटक के शहर बंगलौर में भी घुटनों तक पानी जमा है और लोगों को भारी दिक़्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
पिछले दिनों की बारिश के बाद सेना के इंजीनियरों को पानी में फँसे लोगों को निकालने के लिए बुलाना पड़ा था.
शहर के कई इलाक़ों में बिजली सप्लाई ठप है और पीने का पानी उपलब्ध नहीं है.
तेज़ बारिश और बाढ़ की वजह से बंगलौर में अब तक छह लोगों की मौत भी हो चुकी है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री धर्म सिंह ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है और सड़कों और बाँधों की मरम्मत के लिए पाँच अरब रूपए की सहायता माँगी है.