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बुधवार, 26 अक्तूबर, 2005 को 13:27 GMT तक के समाचार

जम्मू कश्मीर में राजनीतिक संकट

भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर में राजनीतिक संकट गहरा गया है.

ख़बरें हैं कि जम्मू कश्मीर के कांग्रेस के 17 विधायकों ने 2 नवंबर के बाद मुफ़्ती मोहम्मद सईद के बने रहने पर इस्तीफ़े की धमकी दी है. हालांकि कांग्रेस ने इन ख़बरों का खंडन किया है.

ग़ौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में इस समय कांग्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की साझा सरकार है.

जब सरकार बनी थी,उस वक्त समझौता हुआ था कि पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद तीन साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे और वो दो नवंबर, 2005 में कांग्रेस को सत्ता सौंप देंगे.

पिछले एक सप्ताह से सत्ता हस्तांतरण को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है.

पीडीपी नेता मुफ़्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने रहने के इच्छुक हैं लेकिन इससे कांग्रेस के विधायक खुश नहीं है.

इस्तीफ़े से इनकार

कांग्रेस की प्रवक्ता अंबिका सोनी ने बीबीसी को बताया कि समझौते के अनुसार पार्टी विधायकों की कांग्रेस मुख्यमंत्री की मांग स्वाभाविक है.

लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि किसी भी विधायक ने पार्टी नेतृत्व को इस्तीफ़े भेजे हैं.

अंबिका सोनी का कहना था कि पार्टी विधायकों ने अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है.

जम्मू कश्मीर में मुख़्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर सोमवार को मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की थी.

इससे पहले मुख्यमंत्री सईद ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भी मुलाक़ात की थी.

रविवार को हुई बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रणव मुखर्जी और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती भी उपस्थित थीं.

इस बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि पार्टी इस बारे में जल्दी ही कोई निर्णय लेगी.