सोमवार, 24 अक्तूबर, 2005 को 11:13 GMT तक के समाचार
भारतीय सेना ने कहा है कि वह पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भूकंप पीड़ितों को राहत देने को तैयार है बशर्ते दोनों सरकारें उन्हें नियंत्रण रेखा पार करने की अनुमति दे.
सेना के डॉक्टरों का कहना है कि वह नियंत्रण रेखा के पास तीतवाल में एक कैंप बना रहे हैं जहाँ भूकंप में घायल हुए लोगों का इलाज किया जा सकेगा.
इससे पहले भारतीय अधिकारी कह चुके हैं कि वे मंगलवार तक नियंत्रण रेखा के पास राहत शिविर शुरु करने की स्थिति में होंगे.
उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान में यह सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है कि भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए नियंत्रण रेखा को खोल दिया जाए.
भारत ने तीन स्थानों पर नियंत्रण रेखा को खोलने का प्रस्ताव किया है जबकि पाकिस्तान ने पाँच स्थानों का सुझाव दिया है.
इस पर अंतिम निर्णय होना शेष हैं.
गत आठ अक्तूबर को आए तूफ़ान से दोनों ओर के कश्मीर और पाकिस्तान के दूसरे हिस्सों में 50 हज़ार से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं.
प्रस्ताव
भारतीय सेना ने कहा है कि भूकंप के कारण क्षतिग्रस्त हो गई सड़कों और पुलों के बावजूद नियंत्रण रेखा के क़रीब राहत शिविर शुरु करने में कोई परेशानी नहीं है.
सेना के प्रवक्ता कर्नल बत्रा ने बीबीसी से कहा है कि सेना हैलिकॉप्टरों से और खच्चरों से राहत सामग्री वहाँ पहुँचा सकेगी.
सेना के डॉक्टरों के अनुसार तीतवाल के राहत शिविर में घायलों का ऑपरेशन करने की भी सुविधा होगी.
सेना ने कहा है कि भूकंप पीड़ितों के भारत प्रशासित कश्मीर में आने का रास्ता बनाने के लिए उनके इंजीनियर किशनगंगा नहर पर पुल बनाने को भी तैयार हैं.
अधिकारियों का कहना है कि अभी यह काम इसलिए शुरु नहीं किया गया है क्योंकि पाकिस्तानी सेना ने इस्लामाबाद से अनुमति मिलने तक उन्हें रुकने को कहा है.