मंगलवार, 18 अक्तूबर, 2005 को 03:53 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता
भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के दंगा प्रभावित मऊ शहर में प्रशासन ने स्थानीय विधायक मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया है.
उनके ख़िलाफ़ दंगा भड़काने और लोगों को हत्या करने के लिए उकसाने का मुक़दमा दायर हुआ है.
ज़िला मजिस्ट्रेट ने बताया कि बीजेपी के एक नेता प्रोफ़ेसर रामजी सिंह और हिंदू युवा वाहिनी के कुछ नेताओं के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा दायर हुआ है.
आरोप है कि शुक्रवार को इन्हीं लोगों ने मुस्लिम बहुल इलाक़ों में ज़बरदस्ती घुसकर जुलूस निकाला और एक मस्जिद के कुछ लोगों ने लाउडस्पीकर बजाने को लेकर विरोध किया और उसके तार काट दिए जिससे झगड़ा शुरू हुआ.
ज़िला मजिस्ट्रेट मुकेश मेश्राम ने बीबीसी को बताया कि मुख़्तार अंसारी को गिरफ़्तार करने के लिए रात को कई जगह दबिश दी गई लेकिन मुख़्तार अंसारी पुलिस के हाथ नहीं लगे.
उधर फ़ोन पर बीबीसी से हुई बातचीत में मुख़्तार अंसारी ने कहा है कि वे जाँच कर रही समिति और प्रशासन को अपना पूरा सहयोग देंगे.
उन्होंने आरोप लगाया है कि दंगों के पीछे गोरखपुर के सांसद आदित्यनाथ की संस्था के लोगों का हाथ था.
आरोप
मुख़्तार अंसारी के ख़िलाफ़ शिकायत है कि उन्होंने पिछले शुक्रवार को खुली जीप में राइफ़लधारियों के साथ घूम कर एक समुदाय को लोगों को दूसरे समुदाय के ख़िलाफ़ भड़काया.
शिकायत ये भी है कि दंगे में पहले व्यक्ति की मौत मुख़्तार अंसारी के साथ चल रहे राइफ़लधारी की राइफ़ल से हुई.
एक अन्य आरोप ये है कि ज़िले में तैनात पूर्व अधिकारी मुख़्तार अंसारी के दबाव में थे.
ज़िला मजिस्ट्रेट के मुताबिक़ इन शिकायतों की छानबीन की जा रही है.
कर्फ़्यू जारी
राज्य के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने दंगे के बाद कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और उनकी जगह नए अधिकारी भेजे गए हैं.
सोमवार को नए अधिकारियों को भेजने के बाद पुलिस ने गलियों में जाकर तलाशी ली और गिरफ़्तारियाँ की.
ज़िला मजिस्ट्रेट का कहना है कि मऊ में पाँचवें दिन भी कर्फ़्यू जारी रहेगा.
शहर में खाने पीने और तेल जैसी ज़रूरी चीज़ों की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके अलावा डॉक्टरों का दल भी भेजा गया है.
कर्फ़्यू के चलते शहर में गंदगी फैल गई है. इसके लिए 500 सफ़ाई कर्मचारी भेजे गए हैं.
उधर रेल अधिकारियों ने कहा है कि मऊ से होकर गुज़रने वाली रेल सेवा फ़िलहाल स्थगित रहेगी.
लेकिन प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता गाँवों में शांति कायम रखने की है. गाँवों से झगड़ों की ख़बर आ रही है.
प्रशासन का कहना है कि शांति समीति के ज़रिए शांति स्थापित करने की कोशिश हो रही है.
पिछले शुक्रवार को मऊ में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थे जिसमें अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है.