मंगलवार, 11 अक्तूबर, 2005 को 13:09 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में भूकंप प्रभावित इलाक़ों में भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा आ रही थी, अब बारिश थमने के बाद काम दोबारा शुरू हो गया है.
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने कहा है कि पाकिस्तान में भूकंप से मारे गए लोगों की संख्या लगभग 23 हज़ार है.
इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि भूकंप में मारे गए लोगों की संख्या 33 हज़ार को पार कर गई है.
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री आफ़ताब शेरपाओ ने बारिश शुरू होने के बाद कहा था, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बारिश के कारण हम राहत और बचाव के हवाई अभियान स्थगित करने को बाध्य हुए हैं."
मदद
बाग़ इलाक़े में गए बीबीसी संवाददाता आमिर अहमद खान से बातचीत में एक बुलडोज़र चालक ने बताया कि उसे पाँच किलोमीटर का रास्ता तय करने में घंटों लगे.
तबाह हुए गाँवों और कस्बों में लोग अब भी इस कोशिश में लगे हुए हैं कि अगर कोई मलबे में फँसा हुआ है तो उसे बाहर निकाला जाए.
संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान और भारत के भूकंप प्रभावित इलाक़ों के लिए 27 करोड़ डॉलर की सहायता राशि की अपील की है.
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने जिनीवा में बताया कि भूकंप प्रभावित इलाक़ों में 20 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.
पाकिस्तान के भूकंप प्रभावित हिस्सों से बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि कई स्थानों पर लोगों में राहत और बचाव में गड़बड़ी को लेकर ग़ुस्सा है.
भारत
उधर भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह में ने कहा है कि भारतीय कश्मीर में मरनेवालों की संख्या 1300 पहुँच गई है.
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर के भूकंप प्रभावित इलाक़ों उड़ी और तंगधार का दौरा किया और स्थिति का आकलन किया.
भारतीय कश्मीर में 32 हज़ार घरों को नुक़सान पहुँचा है, जिनमें से 15 हज़ार तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री ने इस भूकंप को राष्ट्रीय आपदा बताया है.
मनमोहन सिंह ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि भारत प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बीच जल्द टेलीफ़ोन संपर्क स्थापित हो सके.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भूकंप राहत के लिए 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता की घोषणा भी की. केंद्र सरकार पहले ही 142 करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा कर चुकी है.
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद का कहना है कि केंद्र सरकार पूरी सहायता दे रही है.
राहत और बचाव कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा,"हमारी सेना और राज्य के प्रशासन ने बहुत मुस्तैदी दिखाई है, बहुत जल्द हमने क़दम उठाए, इससे जल्द और नहीं हो सकता था."
नक्शे पर भूकंप प्रभावित इलाक़े:-