मंगलवार, 04 अक्तूबर, 2005 को 07:06 GMT तक के समाचार
भारत और पाकिस्तान ने सियाचिन विवाद हल करने के लिए एक समय सीमा तय करते हुए कहा है कि तीन महीने के भीतर इसका हल ढूँढ़ लिया जाएगा.
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई चर्चा के बाद जारी बयान में कहा गया है कि वे जनवरी में होने वाली अगली मुलाक़ात के पहले वे परस्पर सहमति वाली कोई रणनीति तैयार कर लेंगे.
इसके अलावा दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए 16 वर्षो बाद संयुक्त आयोग गठित करने पर सहमत हो गए हैं.
पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर के आर्मी हाउस में भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी ने शांति प्रक्रिया की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श कर रहे हैं.
चार दिन की वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुँचे नटवर सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से भी मुलाक़ात की है. दोनों ने भारत-पाकिस्तान शांति प्रक्रिया समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की.
विवाद का हल
सियाचिन विवाद का हल दोनों देशों के बीच पहले विवाद का हल होगा. 2004 में दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की प्रक्रिया शुरु होने के बाद से सिर्फ़ विश्वास बढ़ाने के लिए क़दम उठाए गए हैं.
हालांकि दोनों देश पहले ही कह चुके हैं कि वे हिमालय की बर्फ़ीली चोटियों पर स्थित सियाचिन से सेना हटाने को राज़ी हैं. लेकिन दोनों ये रणनीति नहीं बना पाए हैं कि सेना किस तरह हटाई जाएगी.
साढ़े पाँच हज़ार मीटर की ऊँचाई पर स्थित सियाचिन दुनिया का सबसे ऊँचा रणस्थल माना जाता है.
इसके अलावा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि वे सर क्रीक के विवादास्पद इलाक़े में दोनों देशों के तटीय सीमा तय करने को तैयार हैं.
इसके लिए एक और संयुक्त सर्वेक्षण किया जाएगा. इससे पहले एक सर्वेक्षण हो चुका है.
आयोग
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि दोनों देश सहयोग बढ़ाने के लिए 16 वर्षो बाद संयुक्त आयोग गठित करने पर सहमत हो गए हैं.
यह आयोग दोनों देशों के बीच वीज़ा से लेकर व्यवसाय आदि तक कई अहम मुद्दों पर लगातार चर्चा करेगा.
सोमवार भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी के बीच सोमवार को बातचीत हुई थी.
इसके बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल परीक्षण की सूचना को लेकर हुए समझौता हुआ था.
इस समझौते के तहत दोनों देशों ने कहा है कि वे मिसाइल परीक्षण करने से पहले एक दूसरे को जानकारी दे देंगे.
बीबीसी की इस्लामाबाद संवाददाता बारबरा पेट का कहना है कि दोनों देशों के बीच कश्मीर के विवादित विषयों पर अब तक कोई ठोस बातचीत नहीं हो सकी है.