सोमवार, 03 अक्तूबर, 2005 को 12:09 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने कहा है कि उन्हें बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह पर भरोसा नहीं है और उन्हें चुनाव के पहले वापस बुला लेना चाहिए.
एनडीए के नेताओं ने कहा है कि वे इस मांग को लेकर राष्ट्रपति से भी मिलने वाले हैं.
इसके अलावा एनडीए नेताओं ने कहा है कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा नहीं है कि वह राज्य में निष्पक्ष चुनाव करवाएगा.
एनडीए को आपत्ति है कि राज्यपाल चुनाव प्रक्रिया शुरु हो जाने के बाद भी एक राजनीतिज्ञ की तरह कार्य कर रहे हैं और एनडीए नेताओं के बारे में अनावश्यक बयान दे रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल बूटा सिंह ने रविवार को एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा था, "नीतीश कुमार ने कभी भी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया था तो क्या नीतीश कुमार यह अपेक्षा कर रहे थे कि मैं उन्हें सरकार परोस कर दे दूँ."
सुरक्षा बल
एनडीए की ओर से बिहार में मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी नीतीश कुमार और भाजपा के महासचिव अरुण जेटली ने सोमवार को केंद्रीय चुनाव आयोग से मुलाक़ात की.
इस मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग से कहा है कि केंद्रीय सशस्त्र बलों को ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में चुनाव केंद्रों पर तैनात किया जाए और इसे राज्य पुलिस और होमगार्ड के भरोसे न छोड़ा जाए.
उनका कहना था कि आमतौर पर केंद्रीय बलों को ज़िला मुख्यालयों में तैनात कर दिया जाता है या पेट्रोलिंग करवाई जाती है लेकिन इस बार उनकी भूमिका बदलने की माँग की गई है.
दोनों नेताओं का कहना था कि चुनाव आयोग ने कहा है कि वह कोशिश करेगा कि निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए केंद्रीय बलों का समुचित उपयोग किया जा सके.
राज्यपाल को लेकर आपत्ति
दोनों नेताओं ने कहा कि उन्हें राज्यपाल बूटा सिंह को लेकर आपत्तियाँ हैं.
उधर भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी अलग से इसी तरह की आपत्ति जताई है.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "बिहार में चुनाव प्रक्रिया शुरु हो चुकी है लेकिन राज्यपाल राजनीति करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं."
उन्होंने कहा कि राज्यपाल बूटा सिंह ने एक समाचार एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में जो कुछ कहा है उसका केंद्रीय गृहमंत्रालय को खंडन करना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि बूटा सिंह ने कहा था कि यदि उनकी टिप्पणी ठीक नहीं थी तो उसे केंद्र सरकार वापस भेज सकती थी.
एनडीए नेताओं का कहना है कि बूटासिंह के इस बयान से केंद्र सरकार की भी कलई खुल गई है.
उन्होंने कहा कि बिहार का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और बूटा सिंह का बयान न्यायालय को प्रभावित करने जैसा है.
भाजपा प्रवक्ता ने माँग की है कि राष्ट्रपति को चाहिए वे इस मामले में राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री दोनों से स्पष्टीकरण माँगें.