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मेघालय में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग

भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में पुलिस गोलीबारी के विरोध में विपक्षी दलों ने वहाँ राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग की है.

विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल एमएम जैकब से मुलाक़ात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस नेतृत्ववाले मेघालय डेमोक्रेटिक एलांयस (एमडीए) की सरकार को बर्खास्त करने की माँग की.

मेघालय में एमडीए के मुख्यमंत्री डीडी लपांग हैं. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नेता पूर्णो संगमा ने पत्रकारों से कहा,'' यदि वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू नहीं किया गया तो गारो हिल्स इलाक़े के सभी विधायक और सांसद एक साथ इस्तीफ़ा दे देंगे.''

ग़ौरतलब है कि इस दोनों ज़िलों में शुक्रवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष हुआ था.

गारो हिल्स क्षेत्र के पुलिस उपमहानिदेशक विजय कुमार ने बीबीसी को बताया कि तूरा और विलयमनगर में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फ़ायरिंग में 12 लोगों की मौत हो गई है.

इसमें से सात लोगों की मौत तूरा में और पाँच की विलियमनगर में हुई.

मेघालय के गृह मंत्री मुकुल संगमा ने बीबीसी को बताया कि सेना को पूर्वी और पश्चिमी गारो हिल्स ज़िलों में तैनात करने के लिए बुला लिया गया है.

साथ ही दोनों जगह अनिश्चितकाल के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

गारो हिल्स इलाक़े के विद्यार्थी मेघालय सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के बाँटे जाने का विरोध कर रहे थे.

पुलिस का कहना है कि उन्होंने उस वक्त गोली चलाई जब छात्रों ने उन पर पत्थर फेंके जिससे कुछ पुलिस अधिकारी घायल हो गए.

मेघालय में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही संस्था गारो नागरिक समिति के संयोजक ओवरसटन माराक ने बताया, “पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया और उससे पहले कोई लाठी चार्ज भी नहीं किया गया जैसा कि अक्सर किया जाता है.”

मेघालय के गृह मंत्री मुकुल संगमा ने बीबीसी को बताया कि दोनों जगह अनिश्चितकाल के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

पुलिस का कहना है कि गारो विद्यार्थी संगठन को रैली निकालने की इजाज़त नहीं दी गई थी पर इसके बावजूद सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए. उन्होंने कहा कि जब पुलिस आई तो लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.