शुक्रवार, 30 सितंबर, 2005 को 15:53 GMT तक के समाचार
मेघालय में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही संस्था गारो नागरिक समिति के संयोजक ओवरसटन माराक ने कहा है कि पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं.
उन्होंने बीबीसी को बताया, “पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला किया और उससे पहले कोई लाठी चार्ज भी नहीं किया गया जैसे की अकसर किया जाता है.”
जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने गोली तब चलाई जब प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने उन पर पत्थरों से हमला किया.
गारो इलाक़े के विद्यार्थी प्रस्तावित शैक्षिक सुधारों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन सुधारों से खासी कबीले के साथ दरार पैदा हो गई है.
सरकार का कहना है कि बातचीत से पहले प्रदर्शन बंद होने चाहिए.
ये प्रदर्शन गारो पहाड़ी के पश्चिमी इलाक़े और विल्यिम क्षेत्र में हुए जो गारो पहाड़ी के पूर्व में है.
कर्फ़्यू
मेघालय के गृह मंत्री मुकुल संगमा ने बीबीसी को बताया कि दोनों जगह अनिश्चित काल के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
गारो पहाड़ी रेंज के उप इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने बताया कि गारो विद्यार्थी संगठन को रैली निकालने की इजाज़त नहीं दी गई थी पर इसके बावजूद सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए.
उन्होंने कहा कि जब पुलिस आई तो लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.
मेघालय पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि तुरा शहर में शाम को प्रदर्शनकारियों ने राज्य के गृह मंत्री के घर पर हमला किया और पुलिस ने फिर गोलीबारी की.
लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि इस घटना में कोई हताहत हुआ है या नहीं.