मंगलवार, 27 सितंबर, 2005 को 14:12 GMT तक के समाचार
चीन में नेशनल पीपल्स काँग्रेस ने पहली बार संसद का सत्र लोगों के लिए खोला है.
इस ऐतिहासिक सत्र को देखने के लिए कुल बीस लोगों को चुना गया जिसमें देश भर से आए विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक शामिल थे.
सत्र के दौरान आयकर सुधार के मुद्दे पर विचार किया गया और इन ख़ास मेहमानों ने चर्चा को सुना.
लगभग पाँच हज़ार लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ इसका मक़सद विधायिका के स्तर पर पारदर्शिता को बढ़ावा देना है.
आयकर सुधारों को चीन में अमीर और ग़रीब लोगों के बीच बढ़ती खाई को कम करने की दिशा में एक क़दम माना जा रहा है.
इससे पहले सरकार ने घोषणा की थी कि वो उस सीमा को कम करने पर विचार कर रही है जहाँ से लोग आयकर देना शुरू करते हैं.
इसी मुद्दे से जुड़ी बहस में हिस्सा लेने के लिए सरकार ने लोगों से आवेदन करने के लिए कहा था.
चीन में अधिकारियों में इस बात को लेकर चिंता है कि आर्थिक असंतुलन से लोगों में असंतोष पनप सकता है और वो चाहते हैं कि लोगों में ये संकेत जाए कि अधिकारी लोगों की बात सुन रहे हैं.
लेकिन लोगों को शामिल करने की ये मुहिम अभी सांकेतिक ही है क्योंकि आर्थिक मामलों पर असल और अहम फ़ैसले तो सरकार ही लेगी और इस फ़ैसले में अभी समय लगेगा.