http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 19 सितंबर, 2005 को 22:36 GMT तक के समाचार

अल-क़ायदा ने हमले कराए थे: ज़वाहिरी

अल-क़ायदा के दूसरे नंबर के सबसे बड़े नेता ने पहली बार स्वीकार किया है कि लंदन में सात जुलाई के हमले में उनके संगठन का हाथ था.

लंदन की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को निशाना बना कर किए गए आत्मघाती हमलों में 52 लोग मारे गए थे.

अरबी टेलीविज़न चैनल अल जज़ीरा पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में अल-क़ायदा के उपनेता माने जाने वाले अयमन अल ज़वाहिरी ने कहा कि अल-क़ायदा को लंदन में हमले करने का 'सम्मान' मिला.

ताज़ा टेप में अल-क़ायदा नेता ने अफ़ग़ानिस्तान के संसदीय चुनाव की आलोचना की है.

अल ज़वाहिरी ने कहा है कि ब्रितानी और अमरीकी आक्रमणकारियों को निशाना बना के लंदन के हमलों को अंज़ाम दिया गया था.

अल क़ायदा नेता ने इसराइल के निर्माण और 'अफ़ग़ानिस्तान एवं इराक़ में जारी अपराध' के लिए ब्रिटेन की निंदा की.

ब्रिटेन की आलोचना

ज़वाहिरी ने ब्रितानी सुरक्षा के लिए ख़तरा बता कर कट्टरपंथी मौलवी अबू क़तादा और अन्य कई लोगों को देश से निकालने की ब्रिटेन सरकार की योजना की भी आलोचना की.

लंदन हमले के बाद ब्रिटेन में आतंकवाद विरोधी कड़े क़ानून लागू करने की योजना के लिए भी अल क़ायदा नेता ने ब्रिटेन सरकार को आड़े हाथों लिया.

अल ज़वाहिरी ने इससे पहले अपने टेप संदेश में लंदन हमले पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा था कि अल-क़ायदा ने लड़ाई को दुश्मन की ज़मीन पर पहुँचा दिया है.

दो अन्य इस्लामी संगठनों ने भी लंदन हमलों की ज़िम्मेवारी ली थी.