बुधवार, 07 सितंबर, 2005 को 00:36 GMT तक के समाचार
पंजाब में सत्ताधारी काँग्रेस पार्टी की सरकार ने सभी किसानों को मुफ़्त बिजली देने का फ़ैसला किया है.
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ये घोषणा करते हुए कहा कि जिस भी किसान ने 31 अगस्त तक अपने बिजली के बिल का भुगतान कर दिया होगा, वह इस फ़ैसला का फ़ायदा उठा सकेगा.
ये फ़ैसला एक सितंबर से लागू हो जाएगा.
अब तक पंजाब में छोटे किसानों को मुफ़्त बिजली दी जा रही थी और अब उस निर्देश में संशोधन कर दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह जब विपक्ष में थे तब वे अकाली-भाजपा सरकार के कृषि क्षेत्र को मुफ़्त बिजली देने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ थे.
जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो अमरिंदर सिंह का कहना था कि वर्ष 2002 में काँग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में उन्होंने किसानों को ये वादा किया था और अब उसे पूरा कर रहे हैं.
उनका कहना था कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान बिजली बोर्ड की हालत इसलिए ख़राब हो गई थी क्योंकि सरकार बिजली बोर्ड को हो रहे घाटे की भरपाई नहीं कर रही थी लेकिन अब सरकार बोर्ड को अपने राजस्व में से पैसा देगी.
पर्यवेक्षकों का मानना है कि ये फ़ैसला डेढ़ साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के ध्यान में रखते हुए बड़े किसानों को लुभाने की कोशिश है.
छोटे किसानों को मुफ़्त बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सरकार पहले ही राज्य बिजली बोर्ड को 1100 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई अपने राजस्व से कर रही है.
अब ताज़ा फ़ैसले के बाद उसे 439 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रकम बिजली बोर्ड को अदा करनी होगी.