सोमवार, 05 सितंबर, 2005 को 08:26 GMT तक के समाचार
काँची मठ के शंकराचार्यों जयेंद्र सरस्वती और विजयेंद्र सरस्वती को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए चार अक्तूबर तक अदालत में उपस्थित न होने की छूट दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई कर रही अदालत से कहा है कि वह इस दौरान सुनवाई जारी रख सकती है लेकिन दोनों शंकराचार्यों के ख़िलाफ़ आरोप तय न करे.
उल्लेखनीय है कि दोनों शंकराचार्यों पर काँची मठ के एक पूर्व कर्मचारी की हत्या में शामिल होने का आरोप है और लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद दोनों को ज़मानत पर रिहा किया गया था.
शंकराचार्यों ने सुप्रीम कोर्ट से आवेदन किया था कि उन्हें व्यक्तिगत रुप से अदालत में उपस्थित होने की शर्त से छूट दी जाए क्योंकि एक विशेष पूजा के लिए उन्हें 20 जुलाई से 17 सितंबर तक तिरुपति में रहेंगे.
उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि यह ढाई हज़ार साल पुरानी परंपरा है और इसे तोड़ा नहीं जा सकता.
उल्लेखनीय है कि काँची की अदालत ने दोनों शंकराचार्यों को अदालत में उपस्थित होने को कहा था.