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सोमवार, 05 सितंबर, 2005 को 04:00 GMT तक के समाचार

'कश्मीर समस्या के हल की कोशिश हो'

मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ के नेतृत्व वाले अलगाववादी गुट हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस ने कहा है कि समय आ गया है कि कश्मीर समस्या के हल के लिए कोई ठोस कोशिश हो.

बीबीसी हिंदी की सुशीला सिंह के साथ बातचीत में उमर फ़ारुक़ ने कहा कि एक रास्ता ये हो सकता है कि भारत, पाकिस्तान और कश्मीरी नेताओं की त्रिकोणीय बातचीत होनी चाहिए और हर पक्ष को इसमें अपने प्रस्ताव रखने चाहिए.

उन्होंने ये विचार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पहली औपचारिक बातचीत से पहले व्यक्त किए. दोनो पक्षों में बातचीत सोमवार शाम को हो रही है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वक्त आ गया है कि कश्मीरी लोगों को मुश्किलों से निजात मिलनी चाहिए.

लेकिन सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्ववाले हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े ने इस बातचीत का विरोध किया है.

गिलानी का कहना है कि इस बातचीत से कुछ निकलनेवाला नहीं है. इसका भी नहीं वहीं नतीजा होगा जो पहले हुई बातचीत का हुआ है.

'राजनीतिक पैकेज'

उमर फ़ारुक़ ने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति प्रक्रिया का समर्थन किया.

उन्होंने भारत सरकार की ओर से कश्मीर के लिए विशेष पैकेज की पहले की गई घोषणा का स्वागत किया लेकिन कहा कि केवल ऐसे कदम उठाने से समस्या हल नहीं होगी और राजनीतिक पैकेज की बात होनी चाहिए.

उनका कहना था कि समस्या के हल के लिए भारत को ठोस कदम उठाने चाहिए.

उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कश्मीरियों का दर्द समझेंगे.

उनका कहना था कि प्रधानमंत्री के साथ खुलकर बात की जाएगी.

उनका ये भी कहना था कि बातचीत का ये दौर 17 महीने का बाद हो रहा है और ज़रूरी है कि इसे समय-समय पर किया जाए और अब समय आ गया है कि समस्या के समाधान पर बात हो.

उमर फ़ारुक़ को उम्मीद है कि कश्मीर समस्या से जुड़े अन्य मुद्दों जैसे मानवाधिकारों का उल्लंघन और बंदियों की रिहाई पर भी बातचीत होगी.