रविवार, 28 अगस्त, 2005 को 09:20 GMT तक के समाचार
उत्तरप्रदेश सरकार चाहती है कि रात में ताज महल देखने के लिए तय की गई टिकट की दरें घटा दी जाएँ. लेकिन इसके लिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति लेनी होगी.
इस समय किसी भी भारतीय को रात के समय ताज महल देखने के लिए 510 रुपए का टिकट लेना होता है जबकि विदेशियों को इसके लिए 750 रुपए देने होते हैं.
दूसरी ओर दिन के वक्त भारतीयों को ताज महल देखने के लिए लगने वाली टिकट की दरें भारतीय पुरातत्व विभाग बढ़ाना चाहता है.
उल्लेखनीय है कि 20 साल के बाद पिछले नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ताज महल को कई शर्तों के साथ रात में खोलने की अनुमति दी थी.
रात में ताज महल को देखने की टिकट की दरें भी सुप्रीम कोर्ट ने तय की थी.
1984 में चरमपंथी हमलों के डर से ताज महल को रात में दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया था.
उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री कोकब हबीब का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करने जा रही है कि रात में टिकट की दर घटा दी जाए.
लेकिन ताज महल की देखरेख में लगे भारतीय पुरातत्व विभाग की तैयारी है कि ताज को दिन में देखने के लिए कुछ पैसे और लिए जाएँ.
समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार विभाग का कहना है कि ताज महल परिसर में सुविधाएँ बढ़ाने के लिए टिकट की दरें बढ़ाए जाने की ज़रुरत है.
इस समय ताज महल को देखने के लिए 20 रुपए का टिकट लगता है जिसमें से 10 रुपए उत्तर प्रदेश सरकार को मिलते हैं और 10 रुपए पुरातत्व विभाग को.
विभाग अपने हिस्से को 10 से बढ़ाकर 25 करना चाहता है.