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सोमवार, 22 अगस्त, 2005 को 10:06 GMT तक के समाचार

परिजनों ने जान देने की धमकी दी

पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के आरोप में जिस भारतीय नागरिक को फाँसी की सज़ा सुनाई गई है उसके परिवार ने आत्महत्या करने की धमकी दी है.

परिवारजनों का कहना है कि जिसे मंजीत सिंह कहा जा रहा है वह निर्दोष सरबजीत सिंह है और अधिकारियों ने ग़लत पहचान के आधार पर उसे पकड़ लिया है.

यह मामला सोमवार को भारतीय संसद में भी उठा है.

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने मंजीत सिंह की फाँसी की सज़ा को बरकरार रखने का फ़ैसला सुनाया था.

अधिकारियों का कहना है कि मंजीत सिंह पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार थे.

लेकिन जिस व्यक्ति को मंजीत सिंह के नाम से पकड़ा गया है उनकी बहन का कहना है कि पाकिस्तान जिसको सज़ा देने जा रहा है वह वास्तव में उनका छोटा भाई सरबजीत है जो एक खेतिहर मज़दूर है.

उनका परिवार सरकार से सहायता की अपील करने के लिए पंजाब से दिल्ली आया हुआ है.

खेतिहर मज़दूर

बीबीसी से बात करते हुए दलबीर कौर ने कहा कि सरबजीत ने शराब पी रखी थी और वह नशे में ट्रैक्टर चलाता हुआ पाकिस्तान की सीमा में चला गया.

उन्होंने कहा, "मेरा भाई बिल्कुल निर्दोष है और 28 अगस्त 1990 में जब वह नशे में रास्ता भटककर सीमापार चला गया तब वह सुच्चासिंह के फार्म पर काम कर रहा था."

दलबीर कौर ने कहा, "यदि उसे मौत की सज़ा दी जाती है तो हम भी पाँच फंदे बनाकर फाँसी लगा लेंगे और इसके लिए भारत और पाकिस्तान सरकार ज़िम्मेदार होगी."

उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से अपने भाई की जान बचाने की अपील की है.

दलबीर कौर कहती हैं, "अपने भाई की पहचान बताने के लिए राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र और उसके स्कूल के सारे प्रमाण पत्र मेरे पास हैं. वह सिर्फ़ मीडिल स्कूल पास है."

उन्होंने इन दस्तावेज़ों की एक प्रति पाकिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ता आसमा जहाँगीर को भी दी थी.

वे कहती हैं कि वे यह नहीं समझ पा रही हैं कि आख़िर क्यों पाकिस्तान की अदालतें यह कह रही हैं कि उनका छोटा भाई मंजीत सिंह है जो एक जासूस है.