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शुक्रवार, 19 अगस्त, 2005 को 08:21 GMT तक के समाचार

आँध्र प्रदेश में गिरफ़्तारियाँ

आँध्र प्रदेश में नक्सलवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के दो दिन बाद ही क्रांतिकारी लेखक और रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन के सदस्य वरावरा राव, कल्याण राव और चार अन्य लोगों को गिरफ़्तार कर लिया.

माना जा रहा है कि इस गिरफ़्तारी के बाद नक्सलवादी संगठन और आँध्र प्रदेश सरकार आमने-सामने आ खड़े हुए हैं.

आँध्र प्रदेश सरकार ने बुधवार को ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) सहित छह अन्य प्रतिनिधि संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. इसमें रिवोल्यूशनरी राइटर्स एसोसिएशन भी शामिल है.

पुलिस ने शुक्रवार तड़के साढे तीन बजे वरावरा राव को उनके हैदराबाद स्थित घर से गिरफ़्तार कर लिया.

हालांकि वरावरा राव ने नक्सलवादियों और सरकार के बीच पिछले साल शुरू हुई बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी.

प्रतिबंध

शांतिवार्ता की असफलता के बाद बुधवार को आँध्र प्रदेश सरकार ने नक्सलवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.

प्रतिबंध का यह फ़ैसला कांग्रेस विधायक सहित दस लोगों की नक्सलवादियों द्वारा की गई हत्या के बाद किया गया.

पिछले साल 21 जुलाई को राज्य सरकार ने इन संगठनों से प्रतिबंध हटाने का फ़ैसला कर उनसे शांतिवार्ता शुरु की थी. इस साल के शुरु में नक्सली संगठनों से बातचीत पूरी तरह टूट गई थी.

आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी को नक्सली संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दे दिए और इस फ़ैसले का केंद्र सरकार ने समर्थन किया था.

आँध्र प्रदेश में दूसरी बार इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है. इससे पहले 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन जनार्दन रेड्डी ने प्रतिबंध लगाया था.

राज्य में कांग्रेस गठबंधन वाली मौजूदा सरकार ने इस प्रतिबंध को 12 साल बाद ख़त्म किया और उनसे बातचीत की शुरुआत की लेकिन पहले दौर की शांतिवार्ता से बात आगे नहीं बढ़ पाई.

सरकार की ओर से शर्त लगाई गई थी कि नक्सली संगठन के कार्यकर्ता हथियार छोड़ दें पर वे इसके लिए तैयार नहीं थे.

इस साल जनवरी में बातचीत पूरी तरह टूट गई जब पुलिस कार्रवाई में चार माओवादी नेताओं की मौत हो गई थी.