http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 13 अगस्त, 2005 को 10:34 GMT तक के समाचार

'कदिरगामर की हत्या में हाथ नहीं'

श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई ने श्रीलंका के विदेश मंत्री लक्ष्मण कदिरगामर की हत्या में हाथ होने से इनकार किया है.

कदिरगामर की शुक्रवार रात कोलंबो में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी और उसके बाद वहाँ आपातकाल लागू कर दिया गया.

उन्हें सिर और सीने में गोलियाँ लगीं थीं. राष्ट्रपति कुमारतुंगा ने इसे 'आतंकवादी' घटना बताया.

पुलिस ने एलटीटीई पर कदिरगामर की हत्या का आरोप लगाया है लेकिन एलटीटीई का कहना है कि पुलिस को अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए.

एलटीटीई का कहना है कि श्रीलंका में कई ऐसी ताकतें हैं जो सरकार और एलटीटीई के संघर्षविराम के ख़िलाफ़ हैं.

आलोचक

कदिरगामर 73 वर्ष के थे और श्रीलंका की राजनीति में उनका बेहद महत्वपूर्ण स्थान था क्योंकि वे राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा के बेहद नज़दीकी माने जाते थे.

कदिरगामर स्वयं तमिल थे, लेकिन वह तमिल छापामारों के आलोचक थे और उनसे बातचीत के सरकारी प्रयासों का विरोध करते थे.

कदिरगामर ने ब्रिटेन और अमरीका में एलटीटीई को प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन घोषित करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी.

इसीलिए एलटीटीई भी उन पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते थे.

उनकी हत्या के कुछ ही घंटे बाद सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया.

सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपातकाल लगाने का फ़ैसला किया गया.

कोलंबो में सैकड़ों सैनिक तैनात कर दिए गए हैं और वायुसेना व नौसेना की सतर्कता बढ़ा दी गई है.

हमलावर की तलाश में पुलिस कोलंबो में एक बड़ा अभियान चला रही है. छह संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.