शनिवार, 13 अगस्त, 2005 को 12:01 GMT तक के समाचार
बाढ़ के बाद महाराष्ट्र में बीमारियों का क़हर शुरू हो गया है और अब तक इससे 120 लोगों की मौत हो गई है.
काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने महाराष्ट्र का दौरे के बाद राज्य के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख से कहा है कि वे बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों के लिए एक विशेष राहत पैकेज तैयार करें.
मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि मरने वालों की संख्या 120 हो गई है और पिछले 24 घंटों में लगभग 35 लोगों की मौत हुई है.
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मुंबई और उसके आसपास के ज़िलों के अस्पताल बुखार से पीड़ित लोगों से भरे हुए हैं. लगभग 5,500 लोग अस्पतालों में भरती हैं.
अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश मौतें जानवरों से फैलने वाली लेप्टोस्पीरोसिस से हुईं हैं लेकिन हैजे, वायरल बुखार और डेंगू बुखार से भी कई लोगों की मौतें हुईं हैं.
दौरा
सोनिया गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी थे.
सोनिया गाँधी ने देशमुख से कहा कि वो लोगों की समस्याओं को तत्काल सुलझाएँ.
समचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कोल्हापुर ज़िले के नरसिंहवाड़ी में सोनिया गाँधी ने लोगों से मुलाक़ात की. यह इलाक़ा बाढ़ से ख़ासा प्रभावित रहा है.
लोगों ने उन्हें बताया कि उनके घर, फ़सल और पशु सब बह गए.
सोनिया गाँधी ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी पूरी मदद करेगी. उन्होंने मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख से कहा कि शिरोल जैसे इलाक़ों के लिए वो एक पैकेज तैयार करें.
ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण एक हज़ार लोगों की मौत हो गई थी और उसके बाद संक्रमित पानी से हुई बीमारियों के कारण एक सप्ताह में 70 लोगों की मौत हो गई है.
कर्नाटक को आश्वासन
सोनिया गाँधी ने शनिवार को कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का भी दौरा किया.
पीटीआई के अनुसार सोनिया गाँधी ने वादा किया कि वो केंद्र से कर्नाटक को विशेष सहायता दिलवाने के लिए प्रयास करेंगी.
सोनिया गाँधी ने बेलगाम ज़िले का हवाई सर्वेक्षण किया और एक राहत शिविर में भी गईं.
सोनिया गाँधी ने लोगों से बात करने के बाद कहा कि वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से राहत के संबंध में बातचीत करेंगी.
सोनिया गाँधी के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री धर्म सिंह और जल संसाधन मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे भी थे.
कर्नाटक ने केंद्र सरकार से 1,037 करोड़ रुपए की माँग की है लेकिन केंद्र ने अभी तक उसे 100 करोड़ रुपए की सहायता घोषित की है.